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Friday, 9 October 2026

बालोद में एसिड अटैक ने महिलाओं,छात्रों के मनोबल को तोड़ दिया-पदमा दुबे भाजपा के राज में महिलाएं डर के साए में जीने को मजबूर

 बालोद में एसिड अटैक ने महिलाओं,छात्रों के मनोबल को तोड़ दिया-पदमा दुबे

भाजपा के राज में महिलाएं डर के साए में जीने को मजबूर



*फिंगेश्वर/राजिम* *09 अक्टूबर 2026।* गरियाबंद जिला महिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पदमा दुबे ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश अपराध का गढ़ बन चुका है बालोद में छात्रा पर एसिड अटैक की घटना इससे पहले दुर्ग जिले में कावड़ यात्रा पर महिला पर एसिड अटैक की घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि अपराधियों में कानून का भय खत्म हो गया है और भाजपा सरकार महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है एक घटना के बाद दूसरी घटना सामने आ रही है लेकिन सरकार की ओर से केवल बयान और औपचारिक कार्यवाही दिखाई देती है जब अपराधी खुलेआम महिलाओं और छात्राओं को निशाना बनाने का दुस्साहस कर रहे है। तो सरकार की पुलिसिंग और कानून का डर आखिर कहां है? राज्य में महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं है प्रदेश में हर दिन 8 महिलाएं दुराचार का शिकार हो रही है अर्थात हर तीन घंटे में एक महिला के साथ बलात्कार की घटना हो रही है महिलाओं को घर में घुसकर गोली मारी जा रही है राजधानी में गैंगरेप हो जाता है,एसिड अटैक हो रहा है! 


पूर्व जिला अध्यक्ष पदमा दुबे ने कहा कि प्रदेश की हालात बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का बेहद ही कुरूद

उदाहरण है। प्रदेश में अब बेटियां भी सुरक्षित नहीं है? छात्र लाइब्रेरी से पढ़ाई करके घर वापस जा रही थी उसके ऊपर एसिड से हमला किया गया! जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई है! यह घटना बेहद ही चिंता का विषय है? गृह मंत्री इस घटना का नैतिक जिम्मेदारी ले और तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। 


पूर्व जिला अध्यक्ष पदमा दुबे ने कहा कि भाजपा ने महतारी वंदन के नाम पर सिर्फ छलावा किया है। असली महतारी वंदन बहनों को सुरक्षा और सम्मान देना है। जो यह सरकार देने में नाकाम रही है। एसिड की खुलेआम बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा निर्देशों के बावजूद छत्तीसगढ़ में इस पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है। पुलिस परिवार की बेटियां सुरक्षित नहीं है। तो आम गरीब किसान और मजदूर परिवार की बेटियों की सुरक्षा का क्या हाल होगा? आज प्रदेश की महिलाओं और बहनों के मन में डर का माहौल व्याप्त है।कहां है डायल 112 का खौफ पिछले 10 महीनों में प्रदेश की महिला अपराधों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। क्या गृह विभाग सरप्लस ट्रांसफर पोस्टिंग उद्योग चलाने में व्यस्त है? जब राजधानी से लेकर जिलों तक पुलिस अलर्ट का दावा किया जाता है। तो एसिड फेंकने वाला आरोपी दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देकर पैदल कैसे फरार हो गया? छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद है,कि कानून हाथ जोड़कर खड़ा है? और अपराधी तेजाब लेकर खुलेआम घूम रहे हैं!

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