शासकीय हाई स्कूल तरीघाट में गुल्लक सजाओ , पान रोटी बनाओ एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन "
"पानरोटी और पताल चटनी खा कर पुराने दिन याद आ गए -चिमन वर्मा"
"गुल्लक सजाओ बचत बढ़ाओ कार्यक्रम को ग्रामीणों ने सराहा- प्राचार्य"
शासकीय हाईस्कूल तरीघाट, विकासखंड फिंगेश्वर जिला गरियाबंद में विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक भोज पानरोटी और पताल चटनी की स्वाद का आनंद लिए साथ ही गुल्लक सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था जिसमे सभी बच्चों को बचत संस्कार की शिक्षा मिली
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजन पान रोटी (अंगाकर) और पताल चटनी स्कूल में बनाया गया और सभी बच्चों को परोसा गया सब ने खूब मज़ा किया
यह सराहनीय आयोजन तुमनचंद साहू और स्कूल के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपने प्रदेश की पारम्परिक खान–पान संस्कृति से परिचित कराना एवं उनमें सांस्कृतिक चेतना का विकास करना था।
भोज के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों का आनंद मिला, बल्कि उन्हें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोक-परंपराओं एवं ग्रामीण जीवनशैली के महत्व को समझने का अवसर भी प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह, आनंद और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
तुमनचंद साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और “धान के कटोरा” कहे जाने वाले हमारे प्रदेश से पान रोटी का विशेष संबंध है। पान रोटी बनाना आसान होने के साथ-साथ अत्यंत पौष्टिक है। इसमें तेल नहीं होने के कारण यह स्वास्थ्यवर्धक होती है और एक बार खाने से लंबे समय तक ऊर्जा बनी रहती है।
सभी विद्यार्थियों को गुल्लक और पेंटिंग किट दिया गया और सभी ने गुल्लक सजाया और अपने सपनो को गुल्लक में उकेरा साथ ही बचत का पाठ सिखा ।गुल्लक पेंटिंग में प्रथम आने वाले 10 प्रतिभागियों को मैडल दे कर सम्मानित किया गया
प्राचार्य सी बी साहू ने बताया कि यह न्योता भोज उन्हें अपने बचपन की यादें ताजा करा दिया।यह कार्यक्रम बच्चों को छत्तीसगढ़ी संस्कृति को जोड़ने तथा बचत संस्कार विकसित करने वाला बताया
शाला विकास प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री चिमन वर्मा ने कार्यक्रम को सबसे अलग और गरियाबंद जिले में ऐसा आयोजन पहली बार तरीघाट स्कूल में होना बतया तथा आयोजको को बहुत बधाई दी। सरपंच श्रीमती गुंजन वर्मा और सरपंच प्रतिनिधि श्री भोला वर्मा ने कार्यक्रम के सूत्रधार तुमनचंद साहू की भूरी भूरी प्रशंसा किया
ग्रामीण जन कोमल साहू और रामविशाल यादव जी ने कहा की उन्हें पान रोटी खाये 10 और 15 साल हो गए थे आज पान रोटी खा कर पुराने दिन याद आ गए । तत्पश्चात छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सरस्वती साइकिल योजना के लाभान्वित छात्राओं को अतिथियों द्वारा साइकिल वितरण किया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्य सी बी साहू व्याख्याता गण पवन कुमार साहू, झुमुक लाल साहू, लक्ष्मण तारक, जागेन्द्र साहू, पुष्पा कंवर और नीतू शाह, अध्यक्ष शाला प्रबंधन समिति चिमन लाल वर्मा, सरपंच गुंजन भोला वर्मा,पूर्व सरपंच डॉ कोमल साहू ,रामविशाल यादव सहित सभी सदस्य गण एवं विद्यालय के सभी छात्र छात्रा उपस्थित रहे।अंत में प्राचार्य चंद्रभूषण द्वारा तुमनचंद साहू को स्मृति चिन्ह भेट कर आभार व्यक्त कर कार्यक्रम को समापन किया गया।


