शक्ति, भक्ति और श्रद्धा का महान पर्व है ,शारदीय नवरात्र ---श्री दुर्गेश शर्मा
________आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाने वाला नौ दिवसीय पावन पर्व शारदीय नवरात्र कहलाता है। इस वर्ष 11अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक है! इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों में बताए गए विधि-विधान के अनुसार, देवी की प्रसन्नता, मनोकामना की पूर्ति अथवा आध्यात्मिक कल्याण के उद्देश्य से संकल्पपूर्वक मंत्र-जप, पूजा, हवन एवं अन्य धार्मिक कर्मों को निश्चित नियमों के साथ संपन्न करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है! श्रद्धालुगण माता के दरबार में मनोकामना ज्योति प्रज्वलित करते हैं, माता सेवा गीत, जस गीत का गायन, वादन किया जाता है!
इन दिनों माँ भगवती की आराधना करने से शक्ति, सुख, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह पर्व अधर्म पर धर्म की और आसुरी शक्तियों पर दैवीय शक्ति की विजय का प्रतीक है।
यह महोत्सव भारतवर्ष में ही नहीं अपितु जहां भी सनातनी निवासरत हैं, वहां भी माता के प्रति अपनी अटूट आस्था, भाव व्यक्त करते है!
इसी क्रम में जिले के प्रतिष्ठित गौरव ग्राम मेघा में नवदुर्गोत्सव समिति पुरानी बस्ती मेघा के श्रद्धाभाव के चलते मातारानी की स्थापना की जाती है, जिनके आयोजन का 46 वाँ वर्ष है! जिसमें आचार्य के रूप में प्रख्यात पं.बुद्धेश्वर प्रसाद तिवारी जी ने 39 वर्ष आचार्य द्वय रहे, उनके पश्चात् उनके सूक्ष्म मार्गदर्शन में पौत्र श्री दुर्गेश महाराज जी 05 वर्षों से उनका कार्यभार संभाल रहे! जहां सैकड़ों की संख्या में संध्याकालीन आरती में श्रद्धालुजन सम्मिलित होते हैं! मनोकामना ज्योति की इच्छुक व्यक्ति समिति से संपर्क कर सकते हैं!

