"शासकीय प्राथमिक शाला भेंडरी मे बाल अधिकार से अवगत कराया गया"
राजिम आज फरवरी माह के प्रथम शनिवार को प्रार्थना पश्चात विद्यालय के शिक्षक टीकूराम ध्रुव,प्रदीप कुमार साहू द्वारा व्यायाम, योग, ध्यान के विभिन्न आसन ताड़ासन,वृक्षासन, प्राणायाम आदि को सहज ढंग से कराया गया।छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक शनिवार को यूनिसेफ के सहायता विद्याथियों को जागरूक करने जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।इसी कड़ी मे आज फरवरी माह के प्रथम शनिवार को शासकीय प्राथमिक शाला भेंडरी संकुल केंद्र लोहरसी में बस्ताविहीन दिवस के अवसर पर बाल अधिकार से सम्बंधित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।संस्था के शिक्षक लालजी सिन्हा द्वारा यूनिसेफ के मदद से बनाये गये वीडियो जिसमे स्मार्ट खुशबू नाम के बालिका द्वारा वार्तालाप द्वारा बाल अधिकार पर जानकारी सम्बंधित वीडियो बच्चों को दिखाया गया। तत्पश्चात संस्था के प्रधान पाठक राज्यपाल शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत भागचंद चतुर्वेदी द्वारा दिखाये गये वीडियो के आधार पर बच्चों से चर्चा परिचर्चा करते हुए बाल अधिकार के सबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को बच्चा माना जाता है बाल अधिकार वे बुनियादी अधिकार है जो बच्चों की सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाए है और दुनिया के हर बच्चे का हक है।हर बच्चे को भारतीय संविधान और सयुक्त राष्ट्र के बच्चों के अधिकारों से सम्बंधित कन्वेंशन (UNCRC)द्वारा मौलिक मानवधिकार के साथ विशेष बाल अधिकार प्राप्त है।हमारे देश मे बच्चों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष कानून बनाये गए हैं जैसे 6 से 14 साल के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है।बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम2006 के अनुसार लड़कियों की 18 वर्ष से पहले और लड़कों की 21 वर्ष से पहले शादी करना गैर कानूनी है।शिक्षक रेखराम निषाद द्वारा बाल और किशोर श्रम अधिनियम1986 के अनुसार बच्चों को नौकरी पर रखना और उनका शोषण करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।ये सब विशिष्ट कानूनो के द्वारा लागू किये जाते जिनमे किशोर न्याय अधिनियम2015सबसे व्यापक क़ानून है।बच्चों से जुड़े कानूनो को तोड़ने पर न्यायालय ठोस कदम उठाते हैं छत्तीसगढ़ में बच्चों की सहायता के लिए इन हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर सकते है, चाइल्ड हेल्पडेस्क18005723969 पुलिस सहायता के लिये हेल्पलाइन टोलफ्री 1800-123-6010चाइल्डलाइन पूर्ण भारत में लागू 1098 पुलिस और आपात कालीन सहयोग 110/112पर डायल कर सहायता लिए जा सकते है।कार्यक्रम को सरपंच मोहनलाल साहू ने सम्बोधित करते हुए शासन द्वारा चलाये जा रहे बाल अधिकार जागरूकता कार्यक्रम बहुत अच्छा कार्यक्रम है जिसमे बच्चों को अपने हक अधिकार को जानने को मिल रहा है स्कूल शिक्षा विभाग के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का प्रशंसा करते हुए बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने एवं नियमित स्कूल आने प्रेरित किया।आज के कार्यक्रम में प्रधानपाठक भागचंद चतुर्वेदी,शिक्षक रेखराम निषाद,टीकूराम ध्रुव, लालजी सिन्हा,प्रदीप कुमार साहू,सरपंच मोहनलाल साहू, शाला समिति के सदस्य गोदावरी बाई साहू,भगवती साहू,पंचोंबाई साहू बाल केबिनेट के सदस्य सनत साहू,वेदांत सेन,चंचल, हर्षिता,लुप्ताजंली गोस्वामी, हेमलता, लक्ष्मी,दिव्या, युस्मिति,मोहनी ध्रुव, देवव्रत, करण, रणवीर,कुणाल,भविष्य ध्रुव सहित आज उपस्थित 109 बच्चों का सक्रिय सहभागिता रहा।

