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Thursday, 1 February 2024

यादव धर्मशाला राजिम में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का विकास खण्ड स्तरीय हुआ प्रशिक्षण"

 "यादव धर्मशाला राजिम में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का विकास खण्ड स्तरीय हुआ प्रशिक्षण"




भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेशानुसार आज एक फरवरी को यादव धर्मशाला राजिम में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने विकास खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन चिकित्सा अधिकारी विकास खण्ड फिंगेश्वर द्वारा किया गया।प्रशिक्षण  शासकीय, अशासकीय विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षकों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 फरवरी को 01 - 19 आयु वर्ग के सभी बालक बालिकाओं को एवं शेष बचे बच्चों को माप अप दिवस 15 फरवरी को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी में अध्ययन रत है को कृमि मुक्त करते हुए उनके बाल स्वास्थ्य, पोषण स्तर,शिक्षा की पहुँच और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।विकासखंड चिकित्सा अधिकारी फिंगेश्वर डॉ वीरेंद्र हिरौंदिया द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों को पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बिंदुवार प्रशिक्षण दिया गया।1-2 वर्ष के बच्चों को आधा टेबलेट एव 3-19वर्ष के बच्चों को एक एल्बेंडाजोल का टेबलेट भोजन के बाद   चबाकर खिलाने।कृमि संक्रमण के प्रभाव और संचरण चक्र,मानसिक और शारिरिक विकास में बाधा,स्कूलों में नियमित अनुपस्थिति, आर्थिक उत्पादकता में कमी, कुपोषण, अनीमिया आदि रोग कृमि ऐसे परजीवी हैं जो मनुष्य के आंत में रहते हैंऔर जीवित रहने के लिए मानव शरीर के जरूरी पोषक तत्व को खाते हैं।कृमि संक्रमण बचाव,इलाज और फायदे को भी विस्तार से बताया गया गम्भीर कृमि संक्रमण के लक्षण  दस्त, पेट मे दर्द,कमजोरी, उल्टी और भूख ना लगना आदि।डिवर्मिंग के फायदे रोग प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, अनीमिया में नियंत्रण, समुदाय में कृमि व्यापकता में कमी होना,सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार,वयस्क होने पर काम करने की क्षमता और आय में बढ़ोतरी।भूमिका, जिम्मेदारी, प्रतिकूल घटना प्रबंधन आदि विषयों पर विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण उपरांत शिक्षकों से समीक्षात्मक चर्चा कर सुझाव भी लिया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंच पर अतिथि के रूप में विकास खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र हिरौंदिया,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विकास खण्ड प्रबंधक सौरभ मेघवानी, यशवंत कुमार साहू प्रधानपाठक प्राथमिक शाला दमौवा पारा राजिम एवं राज्यपाल शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत प्रधानपाठक भागचंद चतुर्वेदी  प्राथमिक शाला भेंडरी उपस्थित रहे।यशवंत साहू प्रधान पाठक द्वारा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सुझाव दिया गया कि सभी स्कूलों में मिनी किट  उपलब्ध कराई जा जिसमे कॉटन,टिंचर, पट्टी,कुछ मलहम हो जिसका उपयोग बच्चों के गिरने पर प्राथमिक उपचार के रुप में कर सके।भागचंद चतुर्वेदी द्वारा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार का स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाये जा रहे कृमि मुक्ति अभियान का प्रसंशा कर कुपोषण, एनीमिया, मुक्त भारत बनाने में अपना अमूल्य योगदान देने शिक्षकों को आह्वान किया गया।खेलनराम साहू प्रधानपाठक द्वारा सभी बच्चों का ब्लड ग्रुप जांच करने की सुविधा शाला स्तर पर करवाने का सुझाव दिया गया। प्रशिक्षण मे यशवंत साहू, भागचंद चतुर्वेदी, दशरथलाल वर्मा,डगेश्वर ध्रुव,ओंकार शर्मा,घनश्याम दिवाकर,परमानंद ध्रुव, खेलन यादव,अनिल सिन्हा,रेखलाल टांडे, खेमनसिंह ध्रुव, विजय साहू,दीना देवी साहू,रूचि साहू, दिनेश्वरी साहू,अंजु मार्कण्डेय,सुनीता चतुर्वेदी, अन्तेश्वरी निराला,सरोज सेन,रेखा राजपूत, भगवंतीन मंडल,आशा महोबिया सहित 12 संकुलों के लगभग 150 प्राचार्य,प्रधानपाठक, शिक्षक, प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

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