पत्नी की हत्या के आरोप में रिंकू अठवानी दोषमुक्त - बचाव पक्ष के अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी। अपर सत्र न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ, बचाव पक्ष ने एलिबी के साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर रखा पक्ष - chhattisgarhkaratan

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Thursday, 29 October 2026

पत्नी की हत्या के आरोप में रिंकू अठवानी दोषमुक्त - बचाव पक्ष के अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी। अपर सत्र न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ, बचाव पक्ष ने एलिबी के साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर रखा पक्ष

 पत्नी की हत्या के आरोप में रिंकू अठवानी दोषमुक्त - बचाव पक्ष के अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी। अपर सत्र न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ, बचाव पक्ष ने एलिबी के साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर रखा पक्ष

           

 पत्नी की हत्या के आरोप से जुड़े एक आपराधिक प्रकरण में रायपुर के अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी रिंकू अठवानी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण में आरोपी की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने पैरवी की। बचाव पक्ष ने आरोपी के कथित घटनास्थल पर मौजूद नहीं होने तथा घटना के समय जबलपुर में रहने से संबंधित साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा।

         

प्रकरण थाना न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर से संबंधित था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी पर अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने समर्थन में विभिन्न साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं, बचाव पक्ष ने अभियोजन के साक्ष्यों, गवाहों के कथनों और घटना के समय आरोपी की कथित अनुपस्थिति से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए।

घटना के समय जबलपुर में होने का बचाव

आरोपी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने बचाव पक्ष की ओर से यह तर्क रखा कि आरोपी कथित घटना से लगभग दो दिन पहले जबलपुर चला गया था और घटना वाले दिन तथा उसके अगले दिन भी अपनी बहन एवं जीजा के साथ जबलपुर में ही था।

बचाव पक्ष ने इस तथ्य के समर्थन में बहन एवं जीजा के बयानों पर भरोसा किया। मामले में अभियोजन के गवाहों के कथनों तथा आरोपी की घटनास्थल पर उपस्थिति के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों का भी परीक्षण किए जाने का मुद्दा उठाया गया।

एलिबी के साक्ष्य और गवाहों के बयानों पर जोर

बचाव पक्ष ने लिखित बहस में आरोपी की कथित अनुपस्थिति से संबंधित परिस्थितियों, गवाहों के बयानों तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के समग्र मूल्यांकन का आग्रह किया। बचाव पक्ष का तर्क था कि आपराधिक मामले में केवल आरोप लगाए जाने से दोषसिद्धि नहीं की जा सकती, बल्कि अभियोजन को आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करना आवश्यक है।बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष यह भी रेखांकित किया कि उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करते समय आरोपी के पक्ष में सामने आने वाली परिस्थितियों पर विचार किया जाना चाहिए।न्यायालय ने दिया संदेह का लाभआपराधिक न्याय व्यवस्था में दोषसिद्धि के लिए अभियोजन को आरोप संदेह से परे साबित करना होता है। प्रस्तुत प्रकरण में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी रिंकू अठवानी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का आदेश पारित किया।

प्रकरण में आरोपी की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने पैरवी की। यह निर्णय आपराधिक मामलों में साक्ष्यों के महत्व और अभियोजन द्वारा आरोपों को विधि के निर्धारित मानक पर प्रमाणित किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।


प्रकरण: थाना न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर

आरोपी: रिंकू अठवानी

न्यायालय: अपर सत्र न्यायालय, रायपुर

न्यायाधीश: श्री सुबोध मिश्रा

निर्णय: संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त

बचाव पक्ष के अधिवक्ता: देवप्रसाद जोशी, 9893354327


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