राजिम में राम खतरे में, विभाग की घोर लापरवाही
राजिम, राम नाम की लूट है लूट सको तो लूट यह वाक्य चरितार्थ होता नज़र आ रहा है l जहा पूर्ववर्तीय शासन की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन परिपथ के नाम से करोड़ो रुपए विकास के नाम पर स्वीकृत किया गया l आपको बता दें कि राम वन गमन परिपथ अंतर्गत राजिम में भी विकास के नाम पर 13 करोड़ 12 लाख रुपए स्वीकृत किया गया था जिसमे लाखों रुपए के भव्य 25 फिट की प्रतिमा भी बनाया गया है लेकिन अब प्रतिमा की स्थिती इतनी दयनीय दशा में है कि आप स्वयं देख कर दंग रह जाएंगे महज 1 वर्ष 2 माह की हुए हैं प्रतिमा को बने लेकिन अभी से ही इस भव्य श्री राम जी की प्रतिमा में दरारें पड़ने लगी है इससे स्पष्ट होता है कि कही ना कही विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के कारण राम जी की प्रतिमा की यह स्थिती निर्मित हुई है l वही दूसरी ओर राजिम एक ऐतिहासिक नगरी भी जहां पुरातात्विक कई प्रतिमाएं स्थापित हैं लेकिन उन प्रतिमाओं पर आज तक कुछ नहीं हो पाया है l
इस प्रकार के निर्माण कार्य को देखकर यह अंदेशा लगाया जा सकता है कि कही ना कही पर्यटन विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत कर राम नाम की लूट के चलते प्रभू श्री राम जी की प्रतिमा पर यह दरार पड़ने लग गई है l
वर्तमान समय में भाजपा की सरकार द्वारा राजिम में कुंभ कल्प में रामोत्सव थीम पर यह अयोजन किया जा रहा है पर कांग्रेस कालीन स्थापित प्रभू श्री राम जी की प्रतिमा को संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा आखिर ध्यान क्यों नहीं दिया गया यह समझ से परे है l


