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Saturday, 30 April 2022

ग्राम नवलपुर धारा बेमेतरा से मानवधिकार स्वाभिमान डोला यात्रा प्रारंभिक हुई जो भोइनाभाठा , मोहभट्टा से विश्राम गृह जहां प्रमुख अतिथि शमिल हुई।


 

मानवा स्वाभिमान  डोला  यात्रा संपन्न हुआ 

बेमेतरा = गुरुघासीदास सेवादार संघ के नेतृत्व में 15 वर्षो की भांति इस वर्ष भी बड़े धूम धाम से मानवाधिकार स्वाभिमान डोला यात्रा संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि राखी बिलडान  दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष व विधायक एवं अध्यक्षता लखन सुबोध केंद्रीय संयोजक जीएसएस शामिल हुए 

ग्राम नवलपुर धारा बेमेतरा से मानवधिकार स्वाभिमान डोला यात्रा प्रारंभिक हुई जो   भोइनाभाठा , मोहभट्टा  से विश्राम गृह जहां प्रमुख अतिथि शमिल हुई। उसके पश्चात पुराना बस स्टैंड से बेसिक स्कूल मैदान में सभी डोला यात्रा में शामिल हुए यात्री लोग एकत्र हुए जिसमें जी एस एस प्रमुख लखन सुबोध ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संगठन जीएसएस गुरुघासीदास व सतनाम आंदोलन का इतिहास का शोध खोज विगत 21 वर्षों से काम कर रहा है हमारी संगठन का काम नदी में बहने वाले धार के उलट काम करते हैं बहुत लोग उसका धार में बहते  रहते हैं लेकिन हम लोगों का काम ठीक विपरीत है इसलिए आप अपने बाजू के गांव व लोगों से पूछेंगे तो नहीं जानते हैं छत्तीसगढ़ में दो समुदाय के लोग ज्यादा निवास करते हैं आदिवासी दूसरा सतनामी और दोनों का इतिहास देखते हैं तो इन दोनों समुदाय के साथ इतना अन्याय हुआ है उनके इतिहास को छिपाया वह दबाया गए हैं हम लोगों ने 21 वर्ष पूर्व से पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जाकर शोध खोज किए जा तब जाकर एक घटना की जानकारी मिली की 1883 ई. में ग्राम नवलपुर ढारा जिला बेमेतरा के भुजबल महंत ने को चुनौती मिला कि आप डोला में बहु नहीं ला सकते तो भुजबल महंत ने चुनौती स्वीकार किया और मुंगेली के पास चिरहुला से बहू को सम्मान डोला में बैठा कर लाया तो रास्ते में सामंती लोग हमले में बैठे थे जिसे भुजबल महंत ने सूझबूझ के साथ उस हमलावरों को वही ठिकाने लगा दिया जिसे इतिहास में दर्ज है लेकिन बताया नहीं जाता । सभी बराती व डोला  के साथ  बहु  को ससम्मान  सभी वापस नवलपुर बेमेतरा आया गया लोग बताते हैं कि उस बारात में नवागढ़ वह मुंगेली एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने बिन बुलाये बराती गए थे सभा का संचालन एमडी सतनाम ने किया सभा के बाद डोला यात्रा को आगे नवागढ़ से मुंगेली की ओर प्रस्थान किया गया जहां रास्ते में आने वाले गांव में डोला का स्वागत नारियल फूल माला से किया गया एवं ढोला यात्रियों का जगह-जगह शरबत व नाश्ते का व्यवस्था रखा गया था । डोला यात्रा में  कोमल उसेंडी (संघर्षशील आदिवासी नेता व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष-आम आदमी पार्टी, बस्तर), सरदार जसवीर सिंह (जोशल एक्टीविस्ट, बिलासपुर), मिश्रीलाल खांडे (अध्यक्ष-सतनाम धर्म प्रचार संस्थान, मुंगेली), कामरेड बृजेन्द्र तिवारी (छत्तीसगढ़ स्टेट सेक्रेटरी-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी -लिबरेशन,भिलाई), पंडित घनश्याम प्रसाद साहू (प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ साहू चौपाल सेवा संस्था, कबीरधाम), पास्टर एन. प्रसादराव (अध्यक्ष- प्रोग्रेसिव क्रिश्चियन एलायंस, भिलाई), दुर्गा झा (ह्यूमन राइट एक्टीविस्ट, रायपुर), एड. प्रियंका शुक्ला (जुझारू सोशल एक्टीविस्ट व GSS विधिक सलाहकार, बिलासपुर), साहू रामलाल गुप्ता (सोशल वर्कर, रायपुर)  विभिन्न सामाजिक-राजनैतिक मुद्दों पर संघर्ष के साथी, ज्ञानेन्द्र देवांगन अनिल बच्चन, तेजेन्द्र तोड़कर विशाल केलकर लक्ष्मी टंडन, नरेन्द्र नाग एम.डी.सतनाम (केन्द्रीय संगठक GSS), तामेश्वर अनंत  (केन्द्रीय कार्यकारिणी GSS), अजय अनंत (सांस्कृतिक विभागाध्यक्ष GSS)

डोला यात्रा में रायपुर, बिलासपुर, बलोदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, मुँगेली, बिलासपुर, जाजगिर चापा , कोरबा आदि जिलों से जीएसएस के लोग शामिल हुए

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