खबर-धमतरी/मगरलोड
रिपोटर- धनेश्वर बंटी सिन्हा
ग्राम पंचायत डाभा के विकास में अतिक्रमणकरियो की बाढ़,पंचायत प्रतिनिधि की डर या अन्य कारणों से अतिक्रमण हटाने गंभीर नहीं*
मगरलोड/ ग्राम पंचायत डाभा में शासकीय जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के चलते गांवों का विकास बाधित हो गया है। नदी उस पार करीब 85 एकड़ शासकीय भूमि पर अतिक्रमणकरियो ने काबीज कर रखा है, अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बेरोकटोक खाली मैदान से लेकर,गौचर जमीन पर भी कब्जा कर रहे हैं। अगर गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है उस दौरान लास को नदी उस पार ले जाने के लिए भी अब जगह नही बचा, दिन-ब-दिन बढ़ रहे अतिक्रमण के चलते लोगों का चलना दूभर होता जा रहा है। लोगों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है। गांव की तस्वीर व तकदीर बदलने पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्यों को गति प्रदान करने का प्रयास किया जाता है लेकिन शासकीय जमीन पर अतिक्रमण होने से विभिन्न विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से उनके हौसले बुलंद हो गए हैं। गांवों के अन्य लोग भी इन अतिक्रमणकारियों के गलत कार्यों का अनुकरण करने लगे हैं। अतिक्रमण हर गांव के लिए विकराल समस्या बन गई है।
अतिक्रमण को रोकने गांव स्तर पर किए जा रहे प्रयास भी महज इसलिए सफल नहीं हो पा रहे हैं क्योंंकि अतिक्रमणकारियों की तादात गांव में ज्यादा हैं।
ग्राम पंचायत डाभा में अतिक्रमणकारियों की फौज है। एक की देखादेखी दूसरे, तीसरे के कारण गांव में न तो चारागाह बच पाया है न ही खेल मैदान ,लास को दफनाने दो गज की जमीन भी नही बचा है।
