पत्रकार कैलाश टांडे
राजाडेरा जलाशय से प्रस्तावित रकबे से अधिक की सिंचाई के लिए नहीं दिया जा सकता पानी-कार्यपालन अभियंता श्री पालड़िया
जलाशय में मात्र पांच फीट पानी सिंचाई के लिए उपलब्धधमतरी 24 मार्च 2021/ मगरलोड के राजाडेरा जलाशय से ग्राम कोरगांव के किसानों को रबी में धान की फसल की सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जा सकता। कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग कोड 90 श्री ए.के.पालड़िया ने बताया कि कोरगांव के किसानों द्वारा रबी फसल की सिंचाई के लिए बार-बार राजाडेरा जलाशय से पानी दिए जाने की मांग की जा रही है। जबकि जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक और अन्य किसी भी तरह की बैठक में राजाडेरा जलाशय से कोरगांव में रबी फसल की सिंचाई के लिए रकबा प्रस्तावित नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद किसानों द्वारा रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी की मांग की जा रही है। चूंकि राजाडेरा जलाशय में मात्र पांच फीट उपयोगी जल है, जो कि प्रस्तावित तीन गांव के रकबे की सिंचाई के लिए ही पर्याप्त है। यदि जलाशय में पर्याप्त पानी होता तो कोरगांव में भी सिंचाई के लिए पानी दिया जा सकता था। लेकिन आज की स्थिति में जलाशय से पानी दिया जाना संभव नहीं है और फसल नहीं पकने की स्थिति में जल संसाधन विभाग किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है।
गौरतलब है कि 07 अक्टूबर 2020 को कलेक्टोरेट में आयोजित जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिए गए निर्णयानुसार राजाडेरा जलाशय से तीन गांवों के 55 हेक्टेयर रकबे में रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी दिया जाना प्रस्तावित किया गया। इसमें ग्राम परसाबुड़ा में 20 हेक्टेयर, रेंगाडीह में 18 और राजाडेरा में 17 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इस संबंध में स्थानीय समाचार पत्रों के साथ ही गांव में मुनादी एवं झंडी लगाकर सीमांकन के जरिए प्रचार-प्रसार भी किया गया। इसके बावजूद किसानों द्वारा प्रस्तावित रकबे से अधिक रकबे में रबी में धान की फसल लगा ली गई है। ऐसी परिस्थिति में आज जब बांध मंे पांच फीट उपयोगी पानी रह गया है, इन गांवों के किसानों से आग्रह किया गया है कि वे स्वयं के साधन से पम्प लगाकर सिंचाई की व्यवस्था कर सकते हैं।
