सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास का होगा समापन
📡 रिपोर्टर गिरीश तिवारी गरियाबंद
स्नान , दानव सूर्यदेव की आराधना का होता है महत्व . इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को है , इस मौके पर दुर्लभ संयोग बन रहा है.सूर्य का पुत्र शनि स्वयं अपने घर मकर राशि में गुरू महाराज बृहस्पति और ग्रहों के राजकुमार बुध एवं नक्षत्रपति चंद्रमा कोसाथलेकर सूर्य देव का मकर राशि में स्वागत करेंगे.सूर्य का प्रवेश श्रवण नक्षत्र में होगा जिससे ध्वज नामक शुभ याग बनेगा . ग्रहों के राजा सूर्य सिंह पर सवार होकर मकर में संक्रमण करेंगे . मकर संक्रांति को सूर्य के धनु राशि में आने से खरमास तो समाप्त हो जाएगा परंतु दिन बाद ही गुरू के अस्त होने की वजह से विवाह आदि शुभ कार्य फिलहाल 14 फरवरी तक नहीं हो सकेंगे . जानकारों की माने तो हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है , इस मौके पर सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायणहोते हैं.इसदिन स्नान , दान एवं सूर्य देव की आराधना मायने रखती है . यही वजह है कि इस मौके पर तिल , गुड , घी व अनाज का दान किया जाता है.गरीबों को कंबलदान से भी पुण्य मिलता है . संक्रांति के ठीक बाद गंगाजल से स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देकर पूजा आराधना की जाती है . खिचड़ी का सेवन वदान भी किया जाता है . बाजार में तिल व गुड़ की बने लड्डू , पापड़ी , गजक , रेवड़ी आदि की जमकर मांग बनी हुई है . इसके अलावा सूखे मेवे फल वगैरह भी खूब बिक रहे हैं . इस दिन से ही शीत ऋतु का समाप्त मानी जाती है . ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट बुधवार रात से ही अचानक मौसम में बदलाव हुआ , जिससे ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज हुई . आज का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ .
