प्रोफेसर कालोनी रायपुर में रहने वाले राकेश यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट में बिना किसी डाक्टर से अपाइंटमेंट लिए, बिना कतार में लगे और बिना परामर्श शुल्क दिए वह आसानी से अपना उपचार करा पाया, यह उसके लिए बहुत बड़ी राहत की बात है। - chhattisgarhkaratan

chhattisgarhkaratan

भारत सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ रत्न

Home Top Ad

Post Top Ad

Popular Posts

Tuesday, 22 December 2020

प्रोफेसर कालोनी रायपुर में रहने वाले राकेश यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट में बिना किसी डाक्टर से अपाइंटमेंट लिए, बिना कतार में लगे और बिना परामर्श शुल्क दिए वह आसानी से अपना उपचार करा पाया, यह उसके लिए बहुत बड़ी राहत की बात है।


 


न अपाॅइन्टमेंट, न कतार: मोबाइल मेडिकल यूनिट
 से हो रहा मिनटों में उपचार
50 दिनों में एमएमयू से एक लाख मरीजों को मिला इलाज

    रायपुर, 22 दिसंबर 2020/राकेश यादव एक वाहन चालक है। वाहन से समय पर मुसाफिरों को उसके मंजिल तक पहुंचाना उसके पेशे का हिस्सा है। समय का पाबंद राकेश के पास फुर्सत ही कहा था कि वह अपने निजी काम के लिए जरूरत से ज्यादा वक्त निकाल सकें। समय के साथ सड़कों पर दौड़ने और मुसाफिरों को मंजिल तक पहुचाने वाला राकेश की अपनी पीड़ा थी। दिनभर वाहन चलाने की वजह से ठण्डी में उसका कमर दर्द बढ़ गया था, इसके बावजूद वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा था। वह अपना इलाज तो कराना चाहता था लेकिन कई अस्पतालों में पहले अपाइंटमेंट, फिर इलाज के लिए लंबी कतार उसे अस्पताल तक जाने से मानों रोक दिया करती थीं। ऐसे कई दिन गुजर गए, राकेश के लिए वह समय आया ही नहीं कि वह अधिक समय निकालकर अपना इलाज करा सकें। एक दिन जब वह अपने काम पर निकल रहा था। घर के पास अपने वार्ड में मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट की बस उसे दिखी। उसके पास बहुत अधिक समय तो था नहीं, इसलिए यह सोचकर बस के पास गया कि, यहां क्या हो रहा है? देख लेता हूं। पास जाकर देखा तो मालूम हुआ कि डाक्टर है। लोग इलाज करा रहे हैं। उस समय भीड़ भी कम थी। राकेश ने घड़ी देखी और सोचा, क्यों न कम भीड़ में मौके का फायदा उठाया जाए। वह तुरंत मोबाइल मेडिकल यूनिट के पास पहुंचा और अपना पंजीयन कराया। उसने अपनी तकलीफ बताई। मौके पर मौजूद डाक्टरों ने राकेश की समस्या सुनी और तत्काल ही कमर दर्द की दवा और मलहम उसे दिया।

मोबाइल मेडिकल यूनिट से चंद मिनटों में ही जांच और दवा मिल जाने और इलाज में उसका कीमती समय बर्बाद नहीं होने पर राकेश का जैसे खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जमकर प्रशंसा की और कहा कि वास्तव में मुझ जैसे जरूरतमंदों के लिए यह बहुत ही लाभकारी हैं।

     प्रोफेसर कालोनी रायपुर में रहने वाले राकेश यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट में बिना किसी डाक्टर से अपाइंटमेंट लिए, बिना कतार में लगे और बिना परामर्श शुल्क दिए वह आसानी से अपना उपचार करा पाया, यह उसके लिए बहुत बड़ी राहत की बात है।

     इसी तरह पेशे से इलेक्ट्रीशियन नेरन्द्र कुमार सोनी को बीपी और शुगर की समस्या थी। वह निजी अस्पताल के क्लीनिक में अपनी जांच के लिए हमेशा पैसे खर्च करता था। आज जब अपने घर के पास वार्ड में मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम को देखा तो तत्काल वहां पहुचकर अपना जांच कराया। नरेन्द्र से बिना कोई शुल्क लिए डाक्टरों ने उसके बीपी ,शुगर की जांच की और दवाइयां दी। अपना इलाज बिना पैसे के आसान तरीके से घर के पास ही हो जाने पर नरेन्द्र ने मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना की जमकर तारीफ की और कहा कि गरीब व्यक्तियों का मुफ्त में उनके ही घर के पास उपचार करने का यह तरीका बहुत ही सराहनीय है।

Post Top Ad