बाहर से आकर लाॅकडाउन में फंसे परिवारों का राहत शिविरों में रखा जा रहा पूरा ख्यालकलेक्टर श्री रजत बंसल के निर्देश पर खाने-पीने, मनोरंजन और खेलकूद की सुविधा की गई मुहैय्यासिलघट राहत शिविर में योग और ध्यान भी कराया जा रहा - chhattisgarhkaratan

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Sunday, 19 April 2020

बाहर से आकर लाॅकडाउन में फंसे परिवारों का राहत शिविरों में रखा जा रहा पूरा ख्यालकलेक्टर श्री रजत बंसल के निर्देश पर खाने-पीने, मनोरंजन और खेलकूद की सुविधा की गई मुहैय्यासिलघट राहत शिविर में योग और ध्यान भी कराया जा रहा


बाहर से आकर लाॅकडाउन में फंसे परिवारों का राहत शिविरों में रखा जा रहा पूरा ख्याल
कलेक्टर श्री रजत बंसल के निर्देश पर खाने-पीने, मनोरंजन और खेलकूद की सुविधा की गई मुहैय्या
सिलघट राहत शिविर में योग और ध्यान भी कराया जा रहा
पत्रकार कैलाश टाडे 

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धमतरी 19 अप्रैल 2020/ विश्वव्यापी नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लाॅकडाउन के मद्देनजर जहां जनजीवन ठहर सा गया है, वहीं प्रवासी मजदूर और अन्य कारणों से दूसरे प्रांतों से आए लोग भी काफी प्रभावित हुए हैं। इन लोगों को लाॅकडाउन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसे ध्यान में रख कलेक्टर श्री रजत बंसल ने जिले के राहत शिविरों में इनके ठहरने की व्यवस्था की है। साथ ही खाने-पीने सहित मनोरंजन एवं खेल-कूद का विशेष ध्यान रखा जा रहा है तथा यहां सोशल डिस्टेंसिंग में रहकर, मास्क लगा विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही हैं। इसके अलावा समय-समय पर इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है।
नगरी विकासखण्ड के सांकरा स्थित रामनगर और मानसभवन के राहत शिविर में स्थानीय पंचायत एवं जिला प्रशासन द्वारा खाने-पीने एवं अन्य जरूरत की सामग्रियां तो मुहैय्या कराई ही जा रही है, साथ ही मनोरंजन के लिए पंचायत की ओर से टी.वी. भी उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह कुरूद के हाईस्कूल सिलघट राहत शिविर में पुलिस प्रशासन की ओर से प्रतिदिन योग और ध्यान कराया जा रहा है। यहां उपलब्ध खेलकूद सामग्री जैसे क्रिकेट, बैटमिंटन, कैरम इत्यादि का भी लोग लाभ ले रहे हैं। साथ ही इनके मनोरंजन के लिए पंचायत की ओर से टी.वी. उपलब्ध कराया गया है। यहां पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा जिला प्रशासन की ओर से खाने-पीने और अन्य जरूरत की सामग्री नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। यहां ठहरे लोगों की मांग के अनुरूप उन्हें सूखा खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे वे अपने मनमाफिक पकाकर खा रहे हैं। इन राहत शिविरों में रहने वाले लोग जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित कर खुशी से कहते हैं कि इस आपदा के समय में उन्हें अपने घर की कमी महसूस नहीं हुई।  

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