जिले के 58 छात्रावास/आश्रमों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित खाद्यान्न, ताजी सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था की गईसामग्रियों के मूल्य में एकरूपता तथा पारदर्शिता लाने के उद्देश्य सेजिला प्रशासन धमतरी द्वारा ’बिहान’ के जरिए - chhattisgarhkaratan

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Sunday, 26 April 2020

जिले के 58 छात्रावास/आश्रमों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित खाद्यान्न, ताजी सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था की गईसामग्रियों के मूल्य में एकरूपता तथा पारदर्शिता लाने के उद्देश्य सेजिला प्रशासन धमतरी द्वारा ’बिहान’ के जरिए

जिले के 58 छात्रावास/आश्रमों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित खाद्यान्न, ताजी सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था की गई
सामग्रियों के मूल्य में एकरूपता तथा पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से
जिला प्रशासन धमतरी द्वारा ’बिहान’ के जरिए

पत्रकार कैलाश टांडे छत्तीसगढ़

धमतरी, 26 अप्रैल 2020/ सामग्रियों के मूल्य में एकरूपता तथा पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से महिला स्व सहायता समूह ’बिहान’ के जरिए जिले में आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित 58 छात्रावास एवं आश्रमों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित खाद्यान्न और किसान बाजार से ताजी हरी सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इससे जहां छात्रावास/आश्रम अधीक्षक एवं कर्मचारियों को संस्था से दूर सामान खरीदने जाने के लिए उन पर पड़ने वाले परिवहन व्यय के अतिरिक्त बोझ से निजात मिली, वहीं निश्चित मूल्य एवं गुणवत्तायुक्त सामग्रियों के मिलने के अलावा महिला स्व सहायता समूहों को आजीविका उपार्जन का अवसर मिला।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि छात्रावास-आश्रमों की समस्याओं को ध्यान में रख जिला प्रशासन धमतरी द्वारा नई पहल किया गया। उन्होनें बताया कि इसके लिए सबसे पहले छात्रावास/ आश्रमों की महीने की जरूरतों का आंकलन किया गया तथा ’बिहान’ के तहत विभिन्न समूहों को इन सामग्रियों के उत्पादन और बेचने के लिए अधिकृत किया गया। इसमें महिला स्व सहायता समूहों ने खुशी-खुशी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा जरूरत के मुताबिक सामग्रियों को उत्पादित कर संस्थाओं में सामग्रियांे के अलावा किसान बजार के माध्यम से ताजी एवं हरी सब्जियां भी नियमित रूप से संस्थाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस पहल से जहां छात्रावास-आश्रमों को नियमित एवं निश्चित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण सामग्रियांे की घर पहुंच सेवा की व्यवस्था हुई, वहीं महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं की भी आजीविका में संवर्धन तथा हर माह आमदनी निश्चितता की भी व्यवस्था हु

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