कोरोना वैश्विक महामारी एवं लाॅकडाउन से निपटने मनरेगा कार्य से मजदूरों को मिला आर्थिक संबल
दो सप्ताह के भीतर मनरेगा कार्य में 50 हजार श्रमिकों की बढ़ोत्तरी
पत्रकार कैलाश टांडे छत्तीसगढ़
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कोरोना संक्रमण एवं लाॅकडाउन से निपटने कलेक्टर श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी के निर्देशन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत मांग आधारित कार्य डबरी निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण कार्य, गौठान निर्माण कार्य, नरूवा, आंगनबाड़ी निर्माण कार्य प्रारम्भ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
एक ओर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्य में मजदूर अपने काम के प्रति उत्साहित होकर कार्य कर रहे है। वहीं दूसरी ओर अपनी 190 रूपये प्रति दिवस मजदूरी के प्रति निश्चिन्तता है। राज्य शासन के सक्त निर्देश एवं कलेक्टर, सीईओ की कुशल रणनीति ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के मजदूरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु जल संग्रहण एवं कनवर्जेंस जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ करने जिले के 370 ग्राम पंचायत में 337 पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्य प्रारंभ किये गये हैं शेष पंचायतों में कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में आज की स्थिति में 1147 कार्य प्रारंभ किये गये हैं। जिसमें डबरी, तालाब गहरीकरण, गौठान, नरवा, आंगनबाड़ी, वृक्षारोपण, भूमिसुधार, मिट्टी सड़क निर्माण के कार्य में 50 हजार 195 श्रमिक नियोजित हैं। जिसमें सभी मजदूर उच्च कार्यालय के दिशा-निर्देशानुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से फेस मास्क, स्वच्छता के लिए हैण्डवाश या साबुन से धुलाई कर कार्योें को गति दे रहे हैं।
जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत बेधवापथरा, सिंगारपुर, घोटगांव, धमतरी विकासखंड के डुबान क्षेत्र ग्राम उरपुटी, बरबांधा, कलारबाहरा, अरौद डुबान, सिलतरा, पहरियाकोन्हा, खम्मेश्री, पटेलगुड़ा, पटौद, हरफर, मारदापोटी गांव में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्रामीणों का बैठक लेकर डबरी निर्माण, तालाब निर्माण, मिट्टी सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ कराये गये। इस कार्य से ग्रामीण मजदूरों की आर्थिक समस्याएं दूर हो रही है। मनरेगा के तहत मिट्टी सड़क निर्माण होने से आवागमन के साधन में विस्तार हुई है। प्रत्येक जाॅबकार्डधारी परिवार के एक व्यक्ति को 01 अप्रैल 2020 से 190 रूपये प्रति दिन के हिसाब से 30 दिन का काम मिलने से मजदूर के खाता में सीधे-सीधे राशि 5700 रूपये की आमदनी होगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत सभी कार्य में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्य कराये जा रहे हैं। जिला कार्यालय से भी अधिनस्त अधिकारी प्रतिदिन पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक से संपर्क कर मनरेगा कामों का जायजा ले रहे हैं। अप्रारंभ कार्यों को भी प्रारंभ कराये जा रहे हैं। इस तरह जिले में दो सप्ताह के भीतर 50 हजार श्रमिक मनरेगा कार्य में बढ़ोत्तरी हुई है। ग्रामीणों के आर्थिक संसाधनों में वृद्धि हुई है। एक तरह से देखा जाये तो कोरोना वैश्विक महामारी एवं लाॅकडाउन से निपटने मनरेगा कार्य से मजदूरों को आर्थिक संबल मिला।
इसी तरह मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत मोहेरा के निरई तालाब गहरीकरण में कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए तालाब गहरीकरण किया जा रहा है। जिसमें समस्त मजदूर तीन फीट की दूरी में रहकर अलग-अलग काम करने के साथ-साथ साबुन से हाथ धोना, गमछा लगाकर काम कर रहे हैं जहां पर बीआरएलएफ की टीम पूरी तरह मजदूरों का सहायता कर रहे हैं। इस कार्य में ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक एवं मेट भी अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।