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Tuesday, 21 April 2020

मनरेगा में 40 हजार श्रमिकों को मिला कामलाॅकडाउन की स्थिति में आर्थिक संकट से उबारा

मनरेगा में 40 हजार श्रमिकों को मिला काम
लाॅकडाउन की स्थिति में आर्थिक संकट से उबारा
पत्रकार कैलाश टाडे 
 
नोवेल कोरोना वायरस (कोविड 19) के संक्रमण एवं लाॅकडाउन के चलते ग्रामीण मजदूरों के बीच आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी के निर्देशन में ग्रामीण मजदूरों के आर्थिक स्थिति में सुधार हो दृष्टिगत करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर शासन प्रशासन को सहयोग करने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यों को सुचारू रूप से करने के निर्देश दिये गये। सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य प्रारंभ कर अधिक से अधिक मजदूरों को नियोजित कर आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में आगे बढ़े। जिन पंचायतों में कार्य स्वीकृत नहीं हैं तत्काल स्वीकृति कर कार्य प्रारंभ करावें।
जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में 01 लाख 54 हजार 696 पंजीकृत जाबकार्डधारी परिवार हैं। 370 ग्राम पंचायत में भूमि सुधार, कच्ची नाली निर्माण, तालाब गहरीकरण कार्य, मिट्टी सड़क निर्माण कार्य, डबरी निर्माण कार्य के 312 कार्य चल रहे हैं जिसमें 40 हजार श्रमिक नियोजित हैं। सिंचाई और जल संरक्षण जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ करने सरपंचों को निर्देशित किया गया है। श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन कार्यों में अच्छा खासा प्रगति लाने के लिए मनरेगा श्रमिकों को पंचायत द्वारा मास्क वितरण किये गये हैं। कार्यस्थल में सेनीटाईजर का इस्तेमाल करने, हैण्डवाश या साबुन से हाथ धाने तथा कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया। पंचायतों में सतत् मानिटरिंग की जा रही है कि प्रत्येक जाॅबकार्डधारी परिवार के एक व्यक्ति को मनरेगा का काम दिया जाये। गांव में मनरेगा का कार्य प्रारंभ होने से श्रमिकों की चरमराती जिंदगी में राहत की सांस मिली है। ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोरोना संक्रमण एवं लाॅकडाउन से निजात पाने के लिए वार्डवार कार्य कराये जा रहे हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कार्य में पांच सौ से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले पंचायत डाही (धमतरी), कुम्हारी (कुरूद), खिसोरा (मगरलोड) के अतिरिक्त अन्य पंचायतों को भी अधिकाधिक श्रमिक नियोजित कर आर्थिक संकट से उबारने की पहल की जा रही है।

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