सार्वजनिक स्थलों में मास्क लगाना होगा अनिवार्य
सुबह 07 से दोपहर 01 बजे तक खुली रहेंगी दुकानें
पत्रकार कैलाश टांडे
धमतरी 22 अप्रैल 2020/ प्रदेश शासन द्वारा नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए घोषित लाॅकडाउन में चिन्हित जिले/हाॅस्पाॅट्स के भीतर कंटेन्मेट जोन को छोड़कर शेष क्षेत्रों में 20 अप्रैल से अतिरिक्त गतिविधियों की अनुमति दी गई है। इसके मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रजत बंसल ने जिले के सभी कार्यालय प्रमुख को उक्त आदेश का पालन सुनिश्चित् करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस केे संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु संपूर्ण धमतरी जिले में 03 मई 2020 तक धारा 144 लागू करते हुए कुछ कार्यालय, प्रतिष्ठान एवं सेवाआंे को छूट दी गयी थी। शासन द्वारा चिन्हित जिले/हॉटस्पॉट के भीतर कंटेंमेंट जोन को छोड़कर शेष क्षेत्रों में आमजनों की सुविधा को ध्यान में रख 20 अप्रैल 2020 से लॉकडाउन शिथिलीकरण के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
उक्त निर्देशों के तहत जिले में 20 अप्रैल से चिन्हित अनुमति प्राप्त गतिविधियां स्वास्थ्य सेवाएं में सभी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, टेलीमेडिसिन, डिस्पेंसरी, दवा दुकान, कैमिस्ट, फार्मेसी, पैथोलॉजी/मेडिकल लैब एवं कलेक्शन सेंटर, वेटनरी अस्पताल/डिस्पेंसरी/क्लीनिक एवं आवश्यक सप्लाई चेन, अस्पताल संबंधी निर्माण कार्य तथा संस्थाओं का संचालन किया जा सकेगा। सभी चिकित्सीय एवं वेटनरी मानव संसाधन, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, लैब टेक्निीशियन एवं अन्य अस्पताल सेवाओं के व्यक्ति/एम्बुलेंस के आवागमन की अनुमति होगी।
इसी तरह जिले में आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति सुबह 07 से दोपहर 01 बजे तक के लिए होगी। इनमें-दुकानें (किराना दुकान एवं आवश्यक सामग्रियों का विक्रय कर रही एकल दुकानें सहित), ठेले एवं राशन दुकानें, जो खाद्य एवं रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुएं (साबून, हाथ धोने की सामग्री, बाॅडीवाॅश, सैनिटाइजर, वाॅशिंग पावडर, टूथपेस्ट, बैटरी सेल, चार्जर, शैम्पू, टिशुपेपर, सैनिटरी नैपकीन एवं पैड इत्यादि), फल, सब्जी, दूध एवं डेयरी उत्पाद विक्रय बूथ, पोल्ट्री, मीट, अण्डे, मछली, पशुचारा इत्यादि विक्रय कर रही हो, संचालन की अनुमति शामिल है। इसी तरह कृषि एवं संबंधित गतिविधियां किसानों द्वारा कृषि गतिविधियां तथा कृषि मजदूरों द्वारा खेत में कृषि कार्य, न्यूनतम उपार्जन मूल्य पर उपार्जन/कृषि उत्पादों के उपार्जन में सम्मिलित एजेंसियां, मंडी एवं उपमंडी, मंडी से लायसेंस प्राप्त क्रेता-विक्रेता, किसानों से निजी क्षेत्र द्वारा कृषि उत्पाद क्रय प्रक्रिया, ग्राम स्तर से विकेन्द्रीकृत क्रय-विक्रय, कृषि से संबंधित मशीनरी/स्पेयर पार्ट विक्रय एवं मरम्मत की दुकानें (सप्लाई चेन), कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग सेन्टर, खाद/उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज विनिर्माण, वितरण एवं विक्रय की अनुमति। वनक्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वनवासियों द्वारा लघुवनोपज/ गैर-काष्ठ वन उत्पाद का संग्रहण, हार्वेस्टिंग तथा प्रसंस्करण की उनको सोशल डिस्टेंस मेन्टेन करने की शर्त पर संचालन की अनुमति होगी। मछलीपालन संबंधी समस्त गतिविधियां, पूरक आहार प्रदाय एवं मरम्मत, मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण, कोल्डचेन, विक्रय एवं मार्केटिंग, हैचरी, पूरक आहार उत्पादन यूनिट, व्यवसायिक उत्पादन की अनुमति होगी। पशुपालन संबंधी गतिविधियों में दूध एवं दूध उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग से लेकर वितरण/बिक्री तक सप्लाई चेन, पशु फार्म, कुक्कुट पालन एवं पशुपालन गतिविधियां, जानवरों के चारे के निर्माण संबंधी यूनिट, कच्चे माल की आपूर्ति जैसे मक्का एवं सोया इत्यादि। इसी तरह उचित मूल्य की दुकान, गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प, मेडिकल दुकानें पूर्व निर्धारित समय अनुसार ही खुली रहेंगी।
वित्तीय संस्थान की अनुमति सभी बैंक, ए.टी.एम., बैंकिंग सेवाओं के लिए आई.टी. वेन्डर, बैंक मित्र तथा कैश मेनेजमेंट एजेसियां के तहत बैंक शाखाओं को सामान्य कार्य दिवस में निर्धारित घंटों तक कार्य करने की अनुमति, जब तक डीबीटी की राशि का आहरण पूर्ण हो। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग कानून व्यवस्था तथा व्यस्थित रूप से नगदी आहरण के लिए सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए।
ग्रामीण क्षेत्र में स्थित अर्थात नगरीय निकायों की सीमा के बाहर संचालित उद्योगों को संचालन की अनुमति होगी। ऐसी औद्योगिक इकाईयां जो आवश्यक सामग्रियों, दवाईयां, मेडिकल उपकरण, दवाओं के कच्चे माल इत्यादि का उत्पादन करती हो, को अनुमति होगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां जो ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं की अनुमति होगी। ग्रामीण क्षेत्र में अर्थात नगरीय निकायों की सीमा के बाहर सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजना, भवन निर्माण, जल प्रदाय एवं स्वच्छता, विद्युत ट्रांसमिशन लाईनों का निर्माण, दूरसंचार के लिए आॅपटिकल फाईबर एवं केबल डालने का कार्य तथा सभी प्रकार के उद्योग (एमएसएमई सहित) निर्माण परियोजनाओं के लिए अनुमति होगी तथा सभी प्रकार के औद्योगिक क्षेत्र निर्माण की परियोजनाओं में अनुमति होगी। इसी तरह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से संबंधित कार्य जारी रहेंगे। मनरेगा अंतर्गत सिंचाई तथा जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। अन्य केन्द्रीय तथा राज्य क्षेत्रीय की योजनाओं का क्रियान्वयन जारी रह सकता है तथा मनरेगा के साथ अभिसरण उपयुक्त रूप से किया जा सकता है। सार्वजनिक एवं कार्य स्थलों पर मास्क लगाना/कपड़े से नाक एवं मुंह को ढंका जाना अनिवार्य होगा। सभी स्थापनाओं के संचालनकर्ता को कर्मचारियों के लिए मास्क की व्यवस्था करनी होगी। सार्वजनिक स्थल पर सभी कार्यवाही को एक मीटर से अधिक की फिजिकल डिंस्टेंसिंग रखकर कार्य कराया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर थूकना प्रतिबंधित होगा।