अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों को चिन्हांकित कर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच करें- कलेक्टर
कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण को लेकर कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए व्यापक दिशानिर्देश
धमतरी, 17 मार्च 2020/ वैश्विक स्तर के कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर जिले में भी प्रशासनिक रूप से सतर्कता बरती जा रही है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री रजत बंसल ने आज शाम विभिन्न विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में आने वाले या यहां के ऐसे निवासी जो विदेश यात्रा से लौटे हैं, उनका चिन्हांकन कर स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सैम्पल लेकर जांच कराएं। साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों की भी पहचान कर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच कराई जाए। यदि कोई संदेही मिले उसे स्वास्थ्य विभाग की सघन निगरानी में क्वारंटाइन में रखें, जहां पर 14-14 दिनों की निगहबानी में प्रत्येक लक्षण पर गौर करें।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में चार क्वारंटाइन स्थापित किए गए हैं, जिनमें नगरी विकासखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र केरेगांव, कुकरेल के पथर्रीडीह स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय, जिला मुख्यालय में लाइवलीहुड काॅलेज तथा कुरूद के पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना एक जानलेवा संक्रामक रोग है जो संक्रमित आदमी के सम्पर्क में आने से होता है। इसलिए इसके प्रति जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा इलाज है। चूंकि यह मुख्यतः संक्रमण से फैलता है इसलिए संक्रमित व्यक्ति को पृथक् रखकर गहन चिकित्सा में रखा जाना अनिवार्य है, जिससे उनका सम्पर्क कम से कम हो व लोग संक्रमित होने से बच सकें।
कलेक्टर ने ब्लाॅक को इकाई मानते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने, संदेही व्यक्ति का फौरी तौर पर स्वास्थ्य जांच कराने बीएमओ के पास लेकर आने तथा भीड़ के रूप में एक जगह लोगों को इकट्ठा नहीं होने देने के लिए पंचायत सचिवों को जारी निर्देश करने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी तरह शिक्षकों के द्वारा वर्तमान मंे निवासरत गांव अथवा शहर में बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के साथ-साथ ससपेक्टेड व्यक्ति का चिन्हांकन करने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। बैठक में उन्होंने बताया कि जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर टीम गठित कर बाहर से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने अंतरराज्यीय तथा अंतरजिला से आने वाली बसों में सफर करने वाले ऐसे यात्री जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार तथा सांस लेने की तकलीफ जैसी समस्या हो, का बस स्टाॅप पर ही स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए आरटीओ को निर्देश दिए। इसके अलार्वा इंट भट्ठों, राइस मिलों में काम करने वाले बाहर से आने वाले मजदूरों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए भी उन्होंने निर्देशित किया। साथ ही जिले में मास्क एवं सैनिटाइजर की उपलब्धता व निर्धारित दरों पर विक्रय के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षकों को निगरानी करने के लिए कहा।
इसके पहले, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से होता है, चाहे व शरीर के किसी अंग के सम्पर्क में आने से छींक अथवा खांसी के माध्यम से इससे ग्रसित हो सकता है। तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी, सीने में जकड़न तथा सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं। इससे बचने के लिए दिन में अनेक बार हाथ धोने, छींकते-खांसते वक्त मुंह पर रूमाल अथवा कपड़ा अनिवार्य रूप से रखें। बैठक में एसपी श्री बीपी राजभानू, जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी, अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल सहित स्वास्थ्य एवं विभिन्न विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण को लेकर कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए व्यापक दिशानिर्देश
धमतरी, 17 मार्च 2020/ वैश्विक स्तर के कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर जिले में भी प्रशासनिक रूप से सतर्कता बरती जा रही है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री रजत बंसल ने आज शाम विभिन्न विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में आने वाले या यहां के ऐसे निवासी जो विदेश यात्रा से लौटे हैं, उनका चिन्हांकन कर स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सैम्पल लेकर जांच कराएं। साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों की भी पहचान कर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच कराई जाए। यदि कोई संदेही मिले उसे स्वास्थ्य विभाग की सघन निगरानी में क्वारंटाइन में रखें, जहां पर 14-14 दिनों की निगहबानी में प्रत्येक लक्षण पर गौर करें।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में चार क्वारंटाइन स्थापित किए गए हैं, जिनमें नगरी विकासखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र केरेगांव, कुकरेल के पथर्रीडीह स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय, जिला मुख्यालय में लाइवलीहुड काॅलेज तथा कुरूद के पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना एक जानलेवा संक्रामक रोग है जो संक्रमित आदमी के सम्पर्क में आने से होता है। इसलिए इसके प्रति जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा इलाज है। चूंकि यह मुख्यतः संक्रमण से फैलता है इसलिए संक्रमित व्यक्ति को पृथक् रखकर गहन चिकित्सा में रखा जाना अनिवार्य है, जिससे उनका सम्पर्क कम से कम हो व लोग संक्रमित होने से बच सकें।
कलेक्टर ने ब्लाॅक को इकाई मानते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने, संदेही व्यक्ति का फौरी तौर पर स्वास्थ्य जांच कराने बीएमओ के पास लेकर आने तथा भीड़ के रूप में एक जगह लोगों को इकट्ठा नहीं होने देने के लिए पंचायत सचिवों को जारी निर्देश करने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी तरह शिक्षकों के द्वारा वर्तमान मंे निवासरत गांव अथवा शहर में बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के साथ-साथ ससपेक्टेड व्यक्ति का चिन्हांकन करने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। बैठक में उन्होंने बताया कि जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर टीम गठित कर बाहर से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने अंतरराज्यीय तथा अंतरजिला से आने वाली बसों में सफर करने वाले ऐसे यात्री जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार तथा सांस लेने की तकलीफ जैसी समस्या हो, का बस स्टाॅप पर ही स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए आरटीओ को निर्देश दिए। इसके अलार्वा इंट भट्ठों, राइस मिलों में काम करने वाले बाहर से आने वाले मजदूरों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए भी उन्होंने निर्देशित किया। साथ ही जिले में मास्क एवं सैनिटाइजर की उपलब्धता व निर्धारित दरों पर विक्रय के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षकों को निगरानी करने के लिए कहा।
इसके पहले, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से होता है, चाहे व शरीर के किसी अंग के सम्पर्क में आने से छींक अथवा खांसी के माध्यम से इससे ग्रसित हो सकता है। तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी, सीने में जकड़न तथा सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं। इससे बचने के लिए दिन में अनेक बार हाथ धोने, छींकते-खांसते वक्त मुंह पर रूमाल अथवा कपड़ा अनिवार्य रूप से रखें। बैठक में एसपी श्री बीपी राजभानू, जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी, अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल सहित स्वास्थ्य एवं विभिन्न विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।