जिले में 16 से 25 मार्च तक मनाया जाएगा वजन त्यौहार
कलेक्टर श्री रजत बंसल ने की सभी सहयोग की अपील
धमतरी, 12 मार्च 2020/ कुपोषण का सही आंकलन, कुपोषण के निदान, रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन इत्यादि के लिए आगामी 16 से 25 मार्च तक वजन त्यौहार मनाया जाएगा। जिले के प्रत्येक ग्राम और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले इस वजन त्यौहार के दौरान सबकी सहभागिता से 0 से 5 साल तक के बच्चों का शत्-प्रतिशत वजन लिया जाएगा। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने सभी से अपील किया है कि वजन त्यौहार के दौरान कुपोषित बच्चों, आंगनबाड़ी केन्द्र को गोद लेकर अथवा सुपोषण मित्र बनकर अपनी सहभागिता दे सकते हैं।
गौरतलब है कि 0 से 5 साल तक के बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या है। कुपोषण की वजह से बच्चों का मानसिक, शरीरिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास रूक जाता है और इससे उसका जीवन प्रभावित होता है। जिले में लगभग 16.8 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी परियोजना अधिकारी अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को वजन त्यौहार के दौरान गांव के गणमान्य नागरिक एवं नवयुवक मंडल इत्यादि को भी शामिल करने, इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा नियत तिथि के दो दिन पहले कोटवार के जरिए मुनादी करने निर्देशित किया है। साथ ही आंगनबाड़ी की सेवाओं का लाभ लेने और अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से केन्द्र में लाकर पोषण स्तर की जानकारी लेने प्रत्येक माता-पिता को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए हैं।
कलेक्टर श्री रजत बंसल ने की सभी सहयोग की अपील
धमतरी, 12 मार्च 2020/ कुपोषण का सही आंकलन, कुपोषण के निदान, रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन इत्यादि के लिए आगामी 16 से 25 मार्च तक वजन त्यौहार मनाया जाएगा। जिले के प्रत्येक ग्राम और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले इस वजन त्यौहार के दौरान सबकी सहभागिता से 0 से 5 साल तक के बच्चों का शत्-प्रतिशत वजन लिया जाएगा। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने सभी से अपील किया है कि वजन त्यौहार के दौरान कुपोषित बच्चों, आंगनबाड़ी केन्द्र को गोद लेकर अथवा सुपोषण मित्र बनकर अपनी सहभागिता दे सकते हैं।
गौरतलब है कि 0 से 5 साल तक के बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या है। कुपोषण की वजह से बच्चों का मानसिक, शरीरिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास रूक जाता है और इससे उसका जीवन प्रभावित होता है। जिले में लगभग 16.8 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी परियोजना अधिकारी अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को वजन त्यौहार के दौरान गांव के गणमान्य नागरिक एवं नवयुवक मंडल इत्यादि को भी शामिल करने, इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा नियत तिथि के दो दिन पहले कोटवार के जरिए मुनादी करने निर्देशित किया है। साथ ही आंगनबाड़ी की सेवाओं का लाभ लेने और अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से केन्द्र में लाकर पोषण स्तर की जानकारी लेने प्रत्येक माता-पिता को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए हैं।