सुविधाओं के अभाव में भी डोंगरगढ़ फिजिकल अकैडमी के युवाओं का शानदार चयन।
संसाधनों के लिए पूर्व सांसद मधुसूदन यादव से गुहार
डोंगरगढ़: डोंगरगढ़ तहसील के नेहरू स्टेडियम स्थित डोंगरगढ़ फिजिकल अकैडमी एक बार फिर अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को लेकर चर्चा में है। सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं ने विभिन्न सुरक्षा एवं सरकारी सेवाओं में चयन हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल अकैडमी बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
अकैडमी के संचालक चंदन लारोकर द्वारा भाजपा नेता एवं जिला खेल संघ अध्यक्ष विवेक मोनू भंडारी को सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि पिछले दो वर्षों से अकैडमी में युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां नियमित रूप से शारीरिक दक्षता, दौड़, फिटनेस और लिखित परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक अकैडमी से प्रशिक्षण प्राप्त 12 अभ्यर्थियों का चयन पुलिस विभाग, इंडियन आर्मी, एसएससी जीडी तथा नगर सेना जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हुआ है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के बल पर संसाधनों की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।
हालांकि, लगातार बढ़ती संख्या और बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए अकैडमी में संसाधनों की कमी अब बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गद्दा, गोला, डंमल, पैराशूट किट, रजिस्टेंस बैंड सहित अन्य उपकरणों की आवश्यकता बताई गई है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 3 लाख रुपये है। इसके अलावा, कोचिंग क्लास के संचालन के लिए एक अतिरिक्त कक्ष की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षण दिया जा सके।
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विवेक मोनू भंडारी ने पहल की और पूर्व सांसद एवं राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव से मुलाकात कराई। इस दौरान अभ्यर्थियों ने स्वयं अपनी स्थिति और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया।
मधुसूदन यादव ने सभी युवाओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए डोंगरगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष रमन डोंगरे को आवश्यक संसाधनों की कमी की जानकारी दी और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। विशेष बात यह रही कि अवकाश का दिन होने के बावजूद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस पहल से उत्साहित होकर खेमचंद ठाकुर, खिलावन मंडावी,राहुल कोर्रम, उमाप्रसाद वर्मा, पोमित निर्मलकर, हेमाशु सोनी, आयुष यदु एवं आशीष तिवारी सहित अन्य अभ्यर्थियों ने पूर्व सांसद का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही अकैडमी को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
अब क्षेत्र के युवाओं को आशा है कि यदि समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो जाती हैं, तो डोंगरगढ़ फिजिकल अकैडमी भविष्य में और भी अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा क्षेत्र को नई पहचान दिलाएगी।

