-बगुलामुखी जयंती पर सात कुण्डीय अखंड ( 24 घंटे ) मन्त्रमय आहुति एवं पूर्णाहुति -
बैशाख शुक्ल पक्ष अष्टमी को दस महाविद्या मे आठवीं महाविद्या माँ बगुलामुखी प्राकट्य दिवस ( जयंती ) के रूप मे मनाया जाता है, तदनुसार उदया तिथि के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को है, इस दिन माँ बगुलामुखी को समर्पित होता है वल्गा का अर्थ होता है लगाम इसका मतलब यह हुआ कि शत्रु के मुख पर लगाम लगाना अर्थात माँ के आराधना से शत्रु पर विजय पाना और वाक सिद्धि, कर्म वर्चस्व कि प्राप्ति के साथ सतचक्र जागरण आसानी से होने लगता है,
ऐसे पवित्र दिवस के पूर्व दिनांक 23/04/2026 गंगा सप्तमी के दिन अभिजीत मुहूर्त मे अर्थात 11:36 am से 12:24 pm साधको एवं आमंत्रित भद्रजन व ग्राम वासियो द्वारा माताओ द्वारा आयोजक मण्डल के सहयोग व पूज्य गुरूजी के निर्देशानुसार *ग्राम ऍम. के. बहरा ( भीमखोज ) विकाशखंड बागबाहरा जिला महासमुंद छत्तीसगढ़ -* मे जल कलश यात्रा ( शोभा यात्रा ) गाँव के गलियों व देवी देवताओ को आह्वान करते हुए जयकारा के साथ भव्य रूप से निकाला जायेगा, तत्पश्चात गुरु पूजा अर्चना के साथ वैदिक मंत्रो से वेदी स्थापना पूज्य गुरूजी द्वारा किया जायेगा,
समस्त साधको, भद्रजन व ग्राम वासियो कि उपस्तिथि मे माँ बगुलामुखी यँत्र, छाया चित्र का सोडसो उपचार पूजा अर्चना व तंत्रोक्त मंत्रो से पूजा अर्चना कर संकल्प के साथ अखंड ( 24 घंटे ) मन्त्रमय आहुति सातों यज्ञ कुंड मे साधको व भद्रजन द्वारा संपन्न किया जायेगा,
24 घंटे पश्चात् सभी साधको व ग्रामवासियो के उपस्तिथि मे पूज्य गुरूजी द्वारा पूर्णाहुति संपन्न कराया जायेगा, साथ ही इच्छुक साधको को मन्त्र व विशेष मन्त्र दीक्षा भी प्रदान किया जायेगा,
अतः सभी साधक / शिष्य व भद्र जन अपने अपने क्षेत्रो मे व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करते हुए अपना समय निश्चित कर पुनीत कार्यक्रम मे भाग लेकर पुण्य का सहभागी बने ऐसा पूज्य गुरूजी ने सभी को आह्वान करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया है,
कृपया समय पर ध्यान से... आप सभी का स्वागत है...
*-आयोजक मण्डल कार्यक्रम संचालन समिति ग्राम ऍम. के. बहरा ( भीमखोज ) बागबाहरा जिला महासमुंद छत्तीसगढ़ -*
