गिरौदपुरी धाम में आयोजित तीन दिवसीय गुरुदर्शन मेला के अंतिम दिन 24 फरवरी को राजिम क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गुरुधाम पहुंचकर लिया आशीर्वाद ।पावन गुरु दर्शन मेला गिरौदपुरी में आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम देखने को मिला। इस अवसर पर पूज्य डॉ आनंद मतावले गुरुजी, राज्यपाल शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी तथा सरपंच प्रतिनिधि सहदेव बंजारे की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के दौरान संत गुरुघासी दास वेलफेयर फाउंडेशन एवं अनुसूचित जाति जन जाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ अज़ाक्स के तत्वावधान में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन प्रांतीय सचिव डॉ अमित मिरी के कुशल मार्गदर्शन में किया था। चिकित्सा शिविर में उपस्थित अतिथियों का डॉ अमित मिरी प्रांतीय सचिव अजाक्स द्वारा संत गुरुघासी दास बाबा जी का छायाचित्र भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। यह सम्मान श्रद्धा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक बना।डॉ आनंद मतावले गुरुजी ने अपने उद्बोधन में संत गुरुघासी दास बाबा जी के “सतनाम” संदेश को मानवता, समानता और सत्य के मार्ग का प्रकाश स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि बाबा जी का संदेश आज भी समाज को कुरीतियों से मुक्त कर सद्भाव, नैतिकता और भाईचारे की ओर अग्रसर करता है।
भागचंद चतुर्वेदी ने कहा कि गिरौदपुरी धाम केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। सरपंच प्रतिनिधि सहदेव बंजारे ने भी बाबा जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया और समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।इस अवसर पर डॉ कैलाशआडिल, गोविंद चतुर्वेदी, अमन मांडे, पंकज मांडे ,भारत आंडेय, सहित सेवाभावी डॉक्टरों की टीम भी उपस्थित रही, जिन्होंने सेवा और सहयोग की भावना से कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।साथ ही डॉ अमित मिरी परिवार एवं टीम द्वाराआगुंतकों के लिए भोजन प्रसादी का व्यवस्था किया गया था जिसमें भोजन प्रसादी ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।गुरु दर्शन मेले में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। सतनाम के जयघोष और भक्ति भाव से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, आध्यात्मिक चेतना और सेवा भावना का सशक्त संदेश दिया।

