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Sunday, 18 January 2026

छत्तीसगढ़ शिव संयुजस्य स्वामी अनुराज जयंती समारोह पर गुरुधाम तरीघाट में दो दिवसीय अमृत आनंद महोत्सव का भव्य आयोजन"

 "शिव संयुजस्य स्वामी अनुराज जयंती समारोह पर गुरुधाम तरीघाट में दो दिवसीय अमृत आनंद महोत्सव का भव्य आयोजन"




लेखक भागचंद चतुर्वेदी गरियाबंद

 छत्तीसगढ़ गरियाबंद।   आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक स्वामी अनुराज जी की जयंती के पावन अवसर पर 18 एवं 19 जनवरी 2026 को श्री चंकेश्वरी दिव्य गुरुधाम तरीघाट में “अमृत आनंद महोत्सव” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन पूज्य गुरुजी डॉ. आनंद मतावले जी के पावन संरक्षण, सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न होगा।

दो दिवसीय इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में क्षेत्र के श्रद्धालुजन, साधक, साधिकाओं ,शिष्यों, समाजसेवी, बुद्धिजीवी वर्ग एवं युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रहेगी। पूरे गुरुधाम परिसर में भक्ति, साधना, अनुशासन एवं आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहेगा।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस स्वामी अनुराज जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वामी अनुराज जी के त्याग, तपस्या, मानवता, समरसता एवं आध्यात्मिक मूल्यों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पूज्य गुरुजी डॉ. आनंद मतावले ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि

“स्वामी अनुराज जी का जीवन हमें आत्मिक शुद्धता, सेवा, सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश आज भी समाज को सही दिशा देने वाला है। अमृत आनंद महोत्सव का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि मानव जीवन को आनंद, शांति और सद्भाव से जोड़ना है।”

महोत्सव के दौरान ध्यान-साधना सत्र, भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, सत्संग, सेवा कार्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित किया जायेगा जिनसे श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति एवं ऊर्जा की अनुभूति हो। दूसरे दिन विशाल सत्संग एवं सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से विश्व कल्याण, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण की कामना कीया जाएगा साथ ही मंत्र दीक्षा ,समस्याओं का निवारण हेतु मार्गदर्शन किया जाएगा।कार्यक्रम में पूज्य डॉ आनंद मतावले गुरुजी ने स्वामी अनुराज जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका दिव्य ज्ञान को आप सभी साधक शिष्यों को धारण कराना ताकि आपके जीवन  भौतिक सुखों को प्राप्त कर सके और “सेवा ही साधना” आज के युग में अत्यंत प्रासंगिक है। समाज में नैतिकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए ऐसे आयोजन प्रेरणास्रोत हैं।

अवसर पर आयोजकों द्वारा अतिथियों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। दो दिवसीय अमृत आनंद महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ होगा।गुरु सत्ता आध्यात्मिक तंत्र ज्योतिष वेलफेयर सोसायटी राजिम के संचालक संरक्षक डॉ आनंद मतावले गुरुजी, रामधन जोशी, रामगुलाल साहू राजिम, चंद्रशेखर सिन्हा मैनपुर, राजू चंद्राकर बागबाहरा, परमानन्द साहू रायपुर, गिरीश गजेन्द्र बसना, ओंकार साहू गरियाबंद, लोकनाथ आण्डे, भीषलाल साहू,भागचंद चतुर्वेदी,सहदेव बंजारे ने अधिक से अधिक संख्या में साधक शिष्यों को उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाए।

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