"शासकीय प्राथमिक शाला भेंडरी में मधुमक्खी दंश एवं कुत्ते के काटने पर बचाव जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन"
राजिम आज प्रार्थना पश्चात विद्यालय के शिक्षक रेखराम निषाद,लालजी सिन्हा द्वारा व्यायाम, योग, ध्यान के विभिन्न आसन ताड़ासन,वृक्षासन, प्राणायाम आदि को सहज ढंग से कराया गया।छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक शनिवार को यूनिसेफ के सहायता विद्याथियों को जागरूक करने जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।इसी कड़ी मे आज जनवरी माह के अंतिम शनिवार को शासकीय प्राथमिक शाला भेंडरी संकुल केंद्र लोहरसी में बस्ताविहीन दिवस के अवसर पर मधुमक्खी दंश एवं कुत्ते के काटने पर बचाव जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।संस्था के शिक्षक लालजी सिन्हा द्वारा यूनिसेफ के मदद से बनाये गये वीडियो जिसमे सुकन्या द्वारा अपने पिता से मोहन को मधुमक्खी दंश एवं विकास को कुत्ते के काटने पर बातचीत कर घरेलू उपचार कैसे से सम्बंधित वीडियो बच्चों को दिखाया गया। तत्पश्चात संस्था के प्रधान पाठक राज्यपाल शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत भागचंद चतुर्वेदी द्वारा दिखाये गये वीडियो के आधार पर बच्चों से चर्चा परिचर्चा करते हुए "मधुमक्खी दंश" से बचाव के प्राथमिक उपचार के सम्बंध बताया गया कि मधुमक्खी ने किसी को काटा हो तो और उसका डंक शरीर मे ही रह गया हो तो सबसे पहले डंक को निकाले, उस जगह पर बर्फ लगाए ठंड के वजह से विषाक्त पदार्थ फैलता नही है, दर्द भी कम करता है, हम उस जगह पर बेकिंग सोडा,सिरका भी लगा सकते है जो जहर के असर को कम करने में मददगार होता है साथ ही दर्द ,सूजन,खुजली मे राहत पहुँचाता है
किसी को गम्भीर एलर्जी हो जाये तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए। वरिष्ठ शिक्षक टीकूराम ध्रुव द्वारा कुत्ते या बिल्ली के काटने पर प्राथमिक उपचार के सम्बंध में बच्चों को विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया कि कुत्ते या बिल्ली के काटने पर 15 मिनट तक लगातार साबुन पानी से धोए, घाव धोने के बाद एंटीसेप्टिक क्रीम,लोशन,स्प्रिट,बेटाडीन आदि लगाए।घव पर पिसी मिर्च, मिट्टी का तेल,चुना,नीम की पत्ती एसिड आदि न लगाये।घाव को खुला छोड़ दे।खून ज्यादा निकलने की दशा मे केवल पट्टी बांधे,घाव पर टाके न लगवाये 10 दिन तक देखे।24 घण्टे भीतर डॉक्टर की दिखाए और इंजेक्शन जरूर लगवा ले।रैबीज का संक्रमण व्यक्ति के शरीर मे कुत्ता के लार ग्रंथियों के जरिए प्रवेश कर जाता है।संक्रमण फैलने पर व्यक्ति आक्रामक के साथ साथ हिंसात्मक भी हो सकता है। इसलिए जल्दी से डॉक्टर को अवश्य दिखाये, प्रभावित व्यक्ति तेजरोशनी और पानी से दूर भागता है, बिजली की तेजचमक, तेज हवा को भी सह नही पाता।प्रभावित के मुंह से हांपने की आवाज के साथ लार भी टपकने लगता है।कार्यक्रम को सरपंच मोहनलाल साहू ने सम्बोधित करते हुए शासन द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने एवं नियमित स्कूल आने प्रेरित किया।आज के कार्यक्रम में प्रधानपाठक भागचंद चतुर्वेदी,शिक्षक रेखराम निषाद,टीकूराम ध्रुव, लालजी सिन्हा,सरपंच मोहनलाल साहू, शाला समिति के सदस्य गोदावरी बाई साहू,भगवती साहू,ऐशु बाई साहू बाल केबिनेट के सदस्य सनत साहू,वेदांत सेन,लुप्ताजंली गोस्वामी, हेमलता, लक्ष्मी,दिव्या, युस्मिति,मोहनी ध्रुव, देवव्रत, करण, रणवीर,कुणाल,भविष्य ध्रुव सहित आज उपस्थित सभी बच्चों का सक्रिय सहभागिता रहा।
