सावित्री फूले जी ने बालिका शिक्षा के लिए व समाज में व्याप्त समाजिक बुराइयों को दूर करने में आपके योगदान को भुलाया नही जा सकता
यूरोपीय देशों में मध्यकाल में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए 15वी शताब्दी में वहां के विद्वानों के द्वारा एक नवीन राष्ट्र के निर्माण में जो योगदान दिया जिसे इतिहास में पुनर्जागरण के नाम से जाना जाता है ।इन यूरोपीय विद्वानों मे लियोनार्डो द विची, दिदरो,मुरो, पेटार्क महोदय जिनका नाम मानवतावादी युगों के लिए जाना जाता है आधुनिक युग के निर्माण में इतिहास में जिनका नाम अमर है। पेट्राक महोदय जी को मानवता वाद का पिता व जन्मदाता माना जाता है।
समाज में व्याप्त अंधविश्वास,समाजिक बुराइयों को दूर कर एक भौतिकतावादी ,मानवतावादी युग का सूत्रपात किया।
विश्व में साहित्यकार,वैज्ञानिक,दार्शनिक को प्रबुद्ध वर्ग के अन्तर्गत रखा गया था।
ये सभी विद्वान् दार्शनिक,चित्रकार व साहित्यकार थे जिन्होंने अपने अथक प्रयास से हमें मानव को जीवन के प्रति जागरूक किया साथ ही समाज में एक नवीन वर्ग का उदय भी हुआ । जाति,धर्म,पंथ से अलग मानवतावादी युग का सूत्रपात हुआ।
लियोनार्डो द विंची एक कुशल शिल्पी,चित्रकार,संगीतज्ञ,दार्शनिक एवम् वैज्ञानिक थे ।इनकी प्रमुख कृति दि लास्ट सपर तथा मोनालिसा है।
माईकल एंजिलो --मूर्तिकार एवम् चित्रकार थे प्रमुख कृति दि फाल आफ मैन।
दांते--प्रमुख कृति राजतंत्र,डिवाइन कामेडी नामक महाकाब्य।
विलियम शेक्सपियर___विश्व के महानतम साहित्यकार इनकी प्रमुख कृतियां व रचनाएं रोमियो जूलियट, द मर्चेंट आफ वेनिस,जूलियस सीजर,मैकबेथ, हेमलेट आदि।
पेट्रार्क_____इसे मानवतावाद का पिता कहा जाता है।ये महान कवि,साहित्यकार तथा कानून शास्त्री थे ।इनकी प्रमुख कृतियां सोनेट,फैमिलियर,लेटर्स, है।
थामस मूर___इनकी महत्वपूर्ण कृति यूटोपिया है। युटोपिया का अर्थ कल्पित लोक से है ।
कासंद्रा फेदले __समाज में प्रचलित इस विचारधारा कि :एक मानवतावादी विद्वान् के गुण एक महिला के पास नही हो सकते ;को चुनौती दी ।यूनानी व लातिनी भाषा की विदुषी थी ।विश्वविद्यालयों में उन्हें भाषण के लिए आमंत्रित किया जाता था ।
इसी प्रकार 19वी शताब्दी में समाजिक एवम् धार्मिक सुधार आंदोलन ,जन आंदोलन के रूप में परिणित हुआ ।
धर्मो में भी आडम्बर ,कुरीतियां,अंधविश्वास की प्रधानता हो गई इन्हीं मान्यताओं के खिलाफ राष्ट्रवादियों ने धार्मिक एवं समाजिक सुधार हेतु सुनियोजित अभियान का सूत्रपात किया ।
इस काल को ही समाजिक एवं धार्मिक पुनर्जागरण का काल कहा जाता है ।
राजा राममोहन राय, ईश्वर चंद्र विद्यासागर ,,दयानन्द सरस्वती ,जस्टिस रानाडे,स्वामी विवेकानंद,ज्योतिबाफूले ,सावित्री फूले जैसे महान समाज सुधारकों का समाज में विशेष योगदान है।
आज देश की महिला शिक्षिका समाज सेविका सावित्री बाई फुले की जयंती पर नमन करती हु ।
समाज सुधारक एवम् मराठी कवित्री थी।अपने पति ज्योतिराव गोविन्दराव फूले के साथ मिलकर स्त्री अधिकारों एवम् शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।
जन्म 3जनवरी 1831 नयागांव
मृत्यु 10
मार्च 1897 पुणे में
पूरा नाम__सावित्रीबाई ज्योतिराव फूले ।
पति___ज्योतिराव गोविन्दराव फूले।
पालक___नेवसे ,लक्ष्मी बाई।
बच्चे _यशवंत फूले।
1848 में पुणे bhindvadi इलाके में पति के साथ मिलकर विभिन्न जाति के छात्राओं के लिए विद्यालय की स्थापना की।
आज 3 जनवरी भारत की प्रथम महिला शिक्षिका व समजसुधारिका को उनकी जयंती पर वंदन करते है नमन करते है ।
श्रीमती अनिता गौर
ग्राम_पोस्ट __bhothidih
जिला धमतरी (छ . ग.)