सड़क हादसे ने छीना परिवार का कमाऊ मुखिया, मुख्यमंत्री की पहल पर बेसहारा माधुरी को मिली एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता
कलेक्टर ने रेडक्रॉस से दिलाई सहायता राशि, माना आभार, कहा- बच्चांे का भविष्य गढ़ने मिला बड़ा सहारा
धमतरी, 31 दिसंबर 2021/ एक हादसे से जहां पूरा परिवार बिखर जाता है, वहीं छोटी सी मदद से उजड़े जीवन में बहार आ जाती है। ऐसा ही एक हादसा धमतरी विकासखण्ड के ग्राम रावां के साहू परिवार के साथ घटित हुआ, जब घर के एकमात्र कमाऊ मुखिया की सड़क दुर्घटना मंे असमय मृत्यु हो जाती है और उनके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने उस परिवार के दर्द को समझते हुए एक लाख रूपए की सहायता राशि दिलाई, जिससे मृतक के परिजनों को अपना भविष्य गढ़ने के लिए सुखद सहारा मिला। मृतक की बेवा श्रीमती माधुरी बाई साहू को आज कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया। गरीब परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राशि है, जिससे बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। चेक पाकर भाव-विह्वल हुई बेसहारा माधुरी बाई की आंखों में उम्मीद के आंसू तैर रहे थे।साहू परिवार के लिए 31 जुलाई 2019 उनके जीवन का सबसे काला दिन साबित हुआ। रायपुर-धमतरी-बस्तर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम चिटौद (पुरूर) के पास दो प्रायवेट बसें सुबह आठ बजे आमने-सामने से भिड़ गईं। इन बसों की रफ्तार काफी तेज होने की वजह से टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि उसमें सवार यात्री ग्राम रावां निवासी श्री मनसुखराम साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गई। उक्त हादसे में हुई मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की थी। कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने रेडक्रॉस के माध्यम से उक्त सहायता राशि स्वर्गीय श्री साहू की पत्नी श्रीमती माधुरी बाई को दिलाने के निर्देश दिए। फलस्वरूप कलेक्टर ने आज उन्हें चेक प्रदान किया। श्रीमती साहू ने बताया कि उनके पति परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। पति की मौत के बाद उन पर अपने पांच बच्चों के पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी आ गई। उन्होंने बताया कि वह रोजी-मजदूरी करके जैसे-तैसे अपने व अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही हैं और अब तक उनके जेठ के सहयोग से परिवार का गुजारा हो रहा है। श्रीमती माधुरी ने चेेक पाकर मुख्यमंत्री के प्रति बारम्बार आभार प्रकट करते हुए कहा कि एक लाख रूपए उनके लिए बहुत बड़ी राशि है, जिससे वे अपनी चार बेटियों व एक बेटे की पढ़ाई को जारी रखने के साथ-साथ उनके शादी-ब्याह के लिए बचत करके रखेंगी। अब उन्हें काफी हद तक अपना भविष्य सुरक्षित होने जैसा अनुभव हो रहा है। हालांकि पति की मृत्यु की भरपाई तो जीवन भर नहीं हो पाएगी, लेकिन प्रदेश के संवेदनशील मुखिया की पहल से माधुरी के बेसहारा परिवार को बड़ी राहत मिलना संभव हुआ है।
ऽ ताराशंकर सिन्हा