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Monday, 6 December 2021

पांचवी अनुसूची में शामिल करने व पेसा अधिनियम में समान अधिकार की मांग को लेकर तहसील कार्यालय नगरी में पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन


 पांचवी अनुसूची में शामिल करने व पेसा अधिनियम में समान अधिकार की मांग को लेकर तहसील कार्यालय नगरी में पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन 

नगरी/-  पिछडा वर्ग कल्याण संघ तहसील नगरी द्वारा 6 दिसम्बर सोमवार को,अनुसूचित क्षेत्र में निवासरत पिछडा वर्ग को पांचवी में शामिल कर पेसा अधिनियम में समान अधिकार की मांग को लेकर तहसील कार्यालय नगरी में मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौपा गया।ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू के आदेशानुसार जिलाध्यक्ष अंगेश हिरवानी के नेतृत्व में ज्ञापन सौपा गया।उक्त ज्ञापन में पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के तहसील अध्यक्ष बृज लाल,जोन अध्यक्ष वेददास मानिकपुरी, तहसील साहू समाज युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनिरुद्ध साहू,अधिवक्ता सुरेश प्रजापति,,जिला उपाध्यक्ष वेदराम साहू,बरन विश्कर्मा,रामगोपाल साहू,सचिदानंद साहू,कुलेश्वर साहू,योगेश साहू,तेलेश्वर साहू,सहित आदि लोगो ने कहा है की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में पेशा कानून लागू करने नियमावली का प्रकाशन का सुझाव आमंत्रित किया गया है। हम अन्य परंपरागत वन निवासी अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग भी अनुसूचित जनजाति के समान ही धमतरी जिला के नगरी तहसील में आदिकाल से निवासरत है,तथा अपने परंपरागत व्यवसायों को कर रहे हैं।इस क्षेत्र में हम पिछड़े वर्ग के लोग अनुसूचित जनजाति के साथ रहकर यहां की संस्कृति, रूढ़िगत परंपराओं ,प्रथाओं एवं रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं अनुसूचित जनजाति और हमारे वर्ग का रहन सहन सोच विचार कार्यपद्धती एवं जीवन शैली में विशेष कोई अंतर नहीं है तथा इन्हीं बातों को देखकर हमारे पिछड़ा वर्ग के लोगों को भी शासन द्वारा वन अधिकार दिया गया है।अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लोगों का कई कुल देवी देवता भी एक है जैसे गांव जात्रा,मड़ई मेला,माता पहुंचानी, ठाकुर जोहरनी सहित अन्य परंपराओं को भी आपस में मिलजुल कर ही मनाते हैं, एवं मिलजुल कर देवी देवताओं का पूजा पाठ भी करते हैं।
रायपुर संभाग के अंतर्गत धमतरी जिला का नगरी तहसील जो कि अनुसूचित क्षेत्र में शामिल है इस क्षेत्र में पेशा कानून लागू करने के पूर्व यहां के निवासरत अन्य परंपरागत वन निवासी पिछड़ा वर्ग के लोगों को शासन प्रशासन द्वारा सुझाव हेतु चर्चा में भागीदारी देकर पेशा कानून की नियमावली के तहत बनने वाली समिति व परिषद में हमारे पिछड़ा वर्ग से समान सदस्यों को आवश्यक रूप से शामिल किया जावे।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तावित पेशा कानून नियमावली में अनुसूचित जनजाति के समान अधिकार हम पिछड़ा वर्ग के लोगों को भी दिया जावे एवं पेसा कानून में आवश्यक संशोधन कर हमें भी अधिकार प्रदान करते हुए पांचवी अनुसूची में शामिल कर पिछड़ा वर्ग के हित में कानून व नियमावली बनाई जाए।
मांग पूरी नही होने पर,पिछडा वर्ग समाज द्वारा लोकतांत्रिक तऱीके से उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।ज्ञापन सौपते समय विशेष रूप से,संघ के प्रदेश सहसचिव देवेंद्र सेन, जिलाध्यक्ष अंगेश हिरवानी, प्रदेश साहू संघ युवा प्रकोष्ठ संगठन सचिव दुर्गेश गंजीरआदि उपस्थित थे।

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