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Monday, 27 September 2021

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के गलती का सजा भुगत रहे है सीधे साधे छत्तीसगढ़ के मेरिट में चयनित शिक्षक


 शिक्षा विभाग के अधिकारियों के गलती का सजा भुगत रहे है सीधे साधे छत्तीसगढ़ के मेरिट में चयनित शिक्षक


शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2019 में 14580 शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था. जिसमे राज्य संवर्ग में व्याख्याता, संभाग संवर्ग में शिक्षक तथा जिला संवर्ग में सहायक शिक्षक का पद जारी किया गया था. जिसमे संभाग संवर्ग के शिक्षक के पद में 20 जनवरी 2021 में दस्तावेज सत्यापन करवाया गया और सभी को प्रावधिक नियुक्ति पत्र जारी किया गया जिसमे बस्तर और सरगुजा संभाग में पूरे छत्तीसगढ़ में टॉप किए सभी विषयों में चयनित अभ्यर्थी भी है, जिनको नियुक्ति पत्र इस लिए जारी नही किया गया क्योंकि स्थानीय भर्ती को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट से स्थगन है. 

इसके बाद दूसरा स्थगन भी लाया गया भर्ती में जिसमे प्रमुख रूप से विभाग के अधिकारी ही अपात्र अभ्यर्थी को पात्र कर दिया था जबकि दस्तावेज सत्यापन कई चरणों में हुआ था जिसमे संभाग के अधिकारी के द्वारा परीक्षण किया गया, जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा सत्यापन किया गया साथ ही स्कूल के प्रधान पाठक के द्वारा भी सत्यापन किया गया लेकिन क्या कारण था की इतने चरणों के सत्यापन प्रक्रिया के पश्चात अपात्र को पात्र किया गया जिसका स्थगन हाई कोर्ट के माध्यम से दिया गया. स्पष्ट है विभाग की गलती का खामियाजा बार बार ये पूरे छत्तीसगढ़ में मेरिट में स्थान बनाए बस्तर और सरगुजा के अभ्यर्थी भुगत रहे है. जबकि स्थानीय भर्ती के सुनवाई में माननीय हाई कोर्ट के द्वारा 23 सितंबर को शिक्षक के पद को संभाग स्तरीय का पद होने के चलते इसे स्थगन से बाहर किया गया. 

विभाग जब स्थानीय भर्ती का स्थगन था तो इन मेरिट वाले अभ्यर्थी का सत्यापन उन संभागों में नही करना था, जब इस बात को बताया गया संबंधित अधिकारी को तो कोर्ट जाने को कहा गया और जब ये भोले भाले गरीब ढाई साल से चयनित अभ्यर्थी कोर्ट गए और शिक्षक के पद पर स्थगन आदेश हटाने का केस जीत गए वो भी डिवीजन बेंच में तो अधिकारी का ये कहना है की एक और स्टे है और ये स्टे भी विभाग के गलती के वजह से हुआ है. 

सवाल यह है की क्या ये चयनित शिक्षकों जो पहले सूची में स्थान प्राप्त किए है उनको ऐसे ही विभाग स्टे स्टे का खेल खेलाएगा क्या? आज दो स्टे है एक को स्वयं अभ्यर्थी कोर्ट में याचिकाकर्ता बनकर खत्म करवाया जिसमे सरकारी वकीलों का भी सहयोग प्राप्त हुआ जिस से इन भोले भाले अभ्यर्थियों की आस जगी. लेकिन विभाग के गलती के चलते हर सप्ताह स्टे ऊपर स्टे निकल रहा कब तक ये भोले भाले अभ्यर्थी पूरे योग्यता होने के बाद कब तक इस स्टे के चलते पिसेगा

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