

दिनांक 26 /7/2021छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पदाधिकारी एवं संगठन के मुखिया के द्वारा छत्तीसगढ़ में महा आक्रोश रैली निकालकर सरकार को दिखाया अपना प्रदर्शन बूढ़ा तालाब धरना स्थल रायपुर से विधानसभा तक घरने की कोशिश किया गया लेकिन छत्तीसगढ़ मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश अनुसार छत्तीसगढ़ के बूढ़ा तालाब स्थान पर भारी पुलिस बल का तैनात किया गया था आप देख सकते हो तस्वीर में छत्तीसगढ़ में अब हर वर्ग के मुखिया संगठन होने लगा है एक साथ प्रदर्शन कर सरकार को दिखा दिया अपना ताकत नारा के साथ लिख ले धरना स्थल पर से हम अपना और अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते छत्तीसगढ़ के राजधानी में गुजरने लगे बुलंद आवाज नारा के साथ अधिकारी कर्मचारी अपने 9 सूत्री मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन धरना प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य है अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय अनुसार भारतीय संविधान के स्वच्छता 16 4 का 85 वा संविधान संशोधन 2021 पदोन्नति में वरिष्ठता 16 4 ख आरक्षण अधिनियम 1994 नियम 1984 तथा पदोन्नति नियम 2003 में प्रवधानों का खुलासा खुला उल्लंघन करते हुए हजारों की तादाद में छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभाग में नियम विरुद्ध हो रहे पदोन्नति के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने की निर्णय लिया गया जैसे कि आप सभी को अवगत है छत्तीसगढ़ में कोरोनावायरस के पहले जितना पदोन्नति नहीं हुआ है उससे कहीं ज्यादा कोरोन काल के समय में नियम विरोधी हजारों की तादाद में पदोन्नति आरक्षण नियम की उड़ाते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों में सामान्य वर्ग को पदोन्नति दे दी गई इसी का विरोध करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो गए हैं जिसके कारण कर्मचारी अपने जिस पद में थे उसी पद में रिटायर हो गए इससे आने वाले हमारे बच्चों को आरक्षण के कारण लाभ नहीं मिलेगा छत्तीसगढ़ शासन से मुख्य मांग हमारा यह है पदोन्नति मैं आरक्षण के संबंध में जवाब तक माननीय उच्च न्यायालय में स्थगन समाप्त नहीं हो जाते तब तक किसी भी हाल में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित रिक्त पदों को नहीं भरे जाने उसे सुरक्षित रखे जाने और जितना सामान्य वर्ग के कर्मचारी वर्ग के क्रम कर्मचारियों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित पदों पर नियम विरुद्ध पदोन्नति हुआ है उसे तत्काल निरस्त किए जावे पदोन्नति नियम 2003 एवं आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 06 नियम 1998 एवं समय-समय पर जारी निर्देशों का उल्लंघन कर नियम विरुद्ध पदोन्नति देने वाले अधिकारियों को खिलाफ के ऊपर करवा ही एवं धारा 6 आरक्षण अधिनियम 1994 के तहत दंड कार्रवाई की जाए इसके साथ साथ हमारे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के साथ हो रहे अत्याचार शोषण के खिलाफ आंदोलन संगठित होकर हड़ताल करने का निर्णय लिया हमारा निर्णय किसी समाजिक या किसी संगठन के पदाधिकारी को ठेस पहुंचाना नहीं है हमारा नारा अनुसूचित जाति जनजाति द्वारा आयोजित विराट रैली मे , छत्तीसगढ़ कोने-कोने से पहुंचे हड़ताल में हर मुद्दे पर हुआ बात सतनामी समाज छत्तीसगढ़ के युवा हुए शामिल सभी संगठन के लोग पहुंच कर प्रदर्शन स्थल में पर अपना अपना संबोधित किया छत्तीसगढ़ हर जिला हर विकासखंड आदिवासी समाज मुखिया पहुंच कर हड़ताल को सफल बनाया
आज दिनाक 26/7/21 को छत्तीसगढ के समस्त आदिवासी एवं सतनामी समाज के संयुक्त आह्वान पर उस वर्ग के 13 सूत्रीय मांगो को लेकर आयोजित विराट रैली मे हजारो की संख्या मे अधिकारी कर्मचारी महिला युवा बूढ़ा तालाब के पास एकत्रित हुए। सभा को सभी समाज के नेतृत्व कर्ताओ ने सम्बोधित किया ।सभा को सतनामी समाज छत्तीसगढ़ के युवा नेतृत्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र घृतलहरे ने भी सम्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी और सतनामी समाज के द्वारा रखी गयी मांगो को सरकार द्वारा नही माने जाने पर प्रदेश स्तर मे सरकार के विरुद्ध अन्दोलन की जायेगी।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व मे सतनामी समाज के हजारो युवा आज अन्दोलन मे शामिल हुए।
शामिल होने वाले मुख्य रूप से कमल कुर्रे, साकेत जांगड़े ,संभु सतनामी,मनीष नवर्ंग,चूड़ामणि, कुलदीप, संदीप, सतीश, सुरेन्द्र,सूनील उपस्थित रहे।