राम गोपाल भार्गव बिलासपुर
धान पंजीयन के लिए किसानों का पंजीयन नहीं होने से सैकड़ों किसान शासकीय कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत मानिकचौरी, रैलहा,भडहा,कोकडी,बेलपान,
खपरी, जैसे ग्राम पंचायतों के सैकड़ों किसान धान पंजीयन के लिए फार्म जमा करने के बावजूद पंजीयन नहीं होने से शासकीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।अपनी समस्या को लेकर मस्तूरी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। किसानों का आरोप है कि धान पंजीयन के लिए फार्म देने के बावजूद किसानों के पंजीयन नहीं हो पाया, और कई किसानों के रकबा कम दर्शाया गया है जिसके कारण थान को मंडी में बेच नहीं पाने से किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इस संबंध में मस्तूरी एसडीएम पंकज डाहीरे ने किसानों की समस्या को संज्ञान में लेते हुए उचित जांच करवा कर किसानों की समस्या को सुलझाने की बात कही। वहीं कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंजीयन के समय किसानों से पंजीयन के नाम पर 500 से 1000 रुपए के घुस भी लिया जाने की बात कहते हुए कहा कि जो किसान घूस दिए हैं उसी का पंजीयन हुआ है और जो नहीं दिए हैं उनमें से बहुत से लोगों का पंजीयन ही नहीं हो पाया करके शासकीय कामकाज के ऊपर रोष भी जताया है। चुकी धान पंजीयन का समय समाप्त हो जाने के कारण अब जो किसान फार्म जमा करने के बावजूद भी वंचित हो गए हैं उनके सामने बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है।
