ब्यूरो चीफ प्रवीण मारकंडे राजनांदगांव
राजनांदगांव में विकास के नाम पर फिर सैकड़ों ऐतिहासिक वृक्षो को काटने का बन रहा है प्लान
रानीसागर के किनारे लगे सैकड़ो वृक्ष को काटने की है तैयार
वृक्ष बचाने के लिए रूपेश साहू दिग्विजय कॉलेज के छात्र ने अपना विचार रखा
वृक्ष ही हमारे देश की आर्थिक, सामाजिक, नैतिक तथा धार्मिक समृद्धि के मूल आधार है इसीलिए वन-सम्पदा की रक्षा करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। सूखे तथा बाढ़ जैसी समस्याओं पर भी वन संरक्षण तथा वृक्षारोपण द्वारा ही विजय प्राप्त की जा सकती है।सभ्यता की दौड़ में अंधा हुआ मानव वनोन्मूलन कर न केवल स्वयं की हानि कर रहा है अपितु अपने भविष्य को भी अंधकारपूर्ण बना रहा है
वनों की अवैध कटाई ने पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाया है। वषों से हो रही लगातार अवैध कटाई ने जहां मानवीय जीवन को प्रभावित किया है, वहीं असंतुलित मौसम चक्र को भी जन्म दिया है। वनों की अंधाधुंध कटाई होने के कारण देश का वन क्षेत्र घटता जा रहा है, जो पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत चिंताजनक है। विकास कार्यों, आवासीय जरूरतों, उद्योगों तथा खनिज दोहन के लिए भी, पेड़ों-वनों की कटाई वर्षों से होती आई है। कानून और नियमों के बावजूद वनों की कटाई धुआंधार जारी है। इसके लिए अवैज्ञानिक व बेतरतीब विकास, जनसंख्या विस्फोट व भोगवादी संस्कृति भी जवाबदेह है
