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Monday, 18 May 2020

डॉ. शारदा ठाकुर ने बताया लू लगने के किडनी, दिमाग और दिल पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे इन अंगों की

पत्रकार कैलाश टांडे छत्तीसगढ़ 

8964081105

लू-नियंत्रण के लिए स्‍वास्‍थ्‍य  केंद्रों में बनाया गया ओआरएस कार्नर

धमतरी,18 मई 2020। गर्मी में मौसमी बीमारियों के साथ ही लू से बचाव के लिए उपाय करना जरुरी है। गर्मी बढ़ने पर धूप में या खुले में जाना लू लगने के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।

धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 4 प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य  केंद्रों व 26 उप स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में बीएमओ डॉ. श्रीमती शारदा ठाकुर के निर्देश पर लू नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर ओआरएस कार्नर बनाए गए हैं। यह सुविधा समुदाय के लिए निशुल्क उपलब्ध है|

डॉ ठाकुर ने बताया सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में ओआरएस कार्नर बनाया गया है । लू के उपचार के लिए मितानिनएएनएमस्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं चिकित्सक से मिलने की सलाह भी दी जाती है|

उन्होंने कहा लू से बचने के लिए पानी के साथ ओआरएस के घोल का सेवन बार-बार करते रहना चाहिए। ज्यादा जरुरी कार्य होने पर घरों से बाहर निकते वक्त धूप से बचाव के लिए चेहरे को ढकने के लिए गमछे का इस्तेमाल करना चाहिए। लू के लक्षणों में शरीर का तापमान बढने यानी बुखार आने की शिकायत पर चिकित्सक से सलाह लेकर ओआरएस का घोल पीना चाहिए। इन दिनों लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों का अपने घर वापसी के लिए दोपहर में सड़कों पर पैदल चलने से लू की चपेट में आने की समस्या  हो सकती है।

कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लू लगने के बाद नाड़ी और सांस की गति तेज हो जाती है। कई बार देखा गया है कि त्वचा पर लाल दाने भी हो जाते हैं। कई लोगों को लू लगने पर बार-बार पेशाब की भी शिकायत हो जाती है और शरीर में जकड़न हो जाती है। अगर अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाय या फिर सिर में तेज दर्द होना अचानक से शुरू होना लू लगने के लक्षण हैं।

डॉ. ठाकुर ने बतायाप्रवासी मजदूरों का स्‍वास्‍थ्‍य का परीक्षण में कोरोना वायरस के संदिग्ध् मरीजों की टेम्प्रेचर जांच और स्वाब सेम्पल लिया जा रहा है। इसके अलावा पैदल अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों का भी लू के लक्षण पाए जाने पर लू नियंत्रण कक्ष में इलाज सुविधा रखा गया है। उन्होंने बताया कोविड-19 को लेकर सतर्कता बनाए रखते हुए मरीजों से सोशल डिसटेंसिंग का पालन और मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग किया जा रहा है।

धूप में निकलते वक्त छाते का इस्तेमाल करना चाहिए। सिर ढक कर धूप में निकलने से भी लू से बचा जा सकता है। घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर बाहर निकलें जैसे आम पनाशिकंजीखस का शर्बत ज्यादा फायदेमंद है। तेज धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू लगने का खतरा कम रहता है।

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