सतनामी समाज के गरियाबंद जिला महंत बने सुघर मल आडे
सतनामी स्वाभिमान शताब्दी वर्ष समारोह में सामाजिक एकता का संदेश: सुघरमल आड़े बने जिला मंहत नियुक्त किया गया
8964081105
गरियाबंद राजिम सतनामी स्वाभिमान समारोह कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि के रूप में राजनंदिनी गुरू दीदी प्रियंका (सुपुत्री जगत गुरु गोसाई विजय कुमार जी) अध्यक्षा राजमहंत जे.पी. कोसले*, समारोह का शुभारम्भ गुरु घासीदास बाबा जी पूजा,अर्चना एवं पारम्परिक,आरती,मंगल,भजन के साथ हुआ मुख्य अतिथि- गुरु दीदी प्रियंका जी ने अपने उद्बोधन में परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास जी ने मानव समाज को,शान्ति,अहिंसा, करुणा ,दया, क्षमा,कर्म,लगन, व्यवहार से जीवन जीने की कला व सिद्धांत बताया उनके अवतरण के समय समाज में अनेको बुराईयां ऊँच ,नीच, जात-पात, भेदभाव, अस्पृश्यता, बाह्यआडम्बर, से समाज जकड़ा हुआ था ऐसे समय में अपने कर्म,योग साधना,जप,तप से सत्य का अलख जगाया तथा लोगो का ज्ञान चक्छू को खोला, समाज के व्याप्त बुराई आडम्बर, कुरीतियों से लोगो को सतमार्ग के राह बताकर सत्य के प्रतीक जैतखाम के सादा, झण्डा के नीचे मानव समाज को एकता के सुत्र में पिरोया तथा मानव समाज ने सत्य को अंगीकार, कर सतमार्ग पर चले तथा बाबा जी ने लोगो का मार्गदर्शक व मुक्तिदाता बने मानव समाज कल्याण हेतु पावन धाम, गिरौदपुरी, छातापहाड, तेलासीपुरी भण्डारपुरी, खंडवा पुरी ,चेटवा पुरी, दल्हा पहाड़, पोढी,अनेको स्थलो पर जाकर मानव कल्याण हेतु सतनाम का मार्ग प्रशस्त किये गुरु दीदी प्रियंका ने आगे कहा कि सामाजिक एकता अखंडता पर बल देते हुए कहा कि सतनाम संस्कृति और परम्परा को बनाए रखना समाज का मुख्य दायित्व है. उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के अमर संदेशों को आत्मसात करने तथा घर-घर जाकर समाज के सुख-दुख में सहभागी बनने का अहवान किये
कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे जे. पी. कोशले एवं अन्य प्रमुख राजमहंतो ने भी संबोधित किये डॉ. टी. आर. मिर्धा, राजेश्वर भार्गव, पी.आर. कोसरिया, छबी लाल रात्रे, संत सांरग जी, नारायण बंजारे,सी. आर. टण्डन, डॉ,भोजराम दीपक, डॉ कुंती जांगडे, सुन्दर साम बंजारे, लेखक राकेश प्रमुख रूप से उपस्थित रहे राजमहंत,रामचन्द्र पाटिल,दिलीप घृतलहरे, मंहत गच्छराम,जिला महंत,डॉ ह्रदय प्रकाश अनंत, हरिप्रसाद खरे, धरम खाण्डे, कैन्हेया टण्डन,राजकुमारी डहरिया,व संत समाज उपस्थित रहे
राजमहंतो ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरू घासीदास बाबा जी के सुपुत्रो ने गुरूअमर दास, गुरु बालक दास, गुरु अडगडिया दास, गुरू आगर दास जी इन्होंने समाज के कल्याण व उत्थान के कार्य किये, तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने 1820 में गुरू बालक दास साहेब जी को राजा की उपाधि से नवाजा गया तथा समाज में जो आज व्यवस्था संगठन विद्यमान है व राजा गुरू बालक दास जी कि ही देन है, समाज संचालन हेतु राजमहंत, जिला महंत, भण्डारी, साटीदार, छंडीदार,अठंगवा बनाये
इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए..
पुज्य बाबा गुरू घासीदास जी के छंटवे वंशज जगत गुरु रूद्र कुमार साहेब जी (गुरुगद्दीनशीन अगमधाम खंडवा / गिरौपुरीधाम धाम) के आशीर्वाद से राजनंदिनी गुरु दीदी प्रियंका जी के सानिध्य में
जिला,गरियाबंद, सतनामी समाज के महासचिव ,सुघरमल आड़े को जिला महंत के रूप में नियुक्त किये..
अंत में गुरु दीदी प्रियंका ने आयोजन समिति के माध्यम से सभी जिला महंत एवं राजमहंतो को सम्मान पत्र एवं परिचय पत्र प्रदान कर सम्मानित किए।
कार्यक्रम का सफल संचालन व आभार राजमहंत राजेश्वर भार्गव व ,डॉ तेरस राम मिर्धा द्वारा किया गया
सुघरमल आड़े,के जिला महंत बनने पर समाज में खुशी की लहर बधाई, एवं शुभकामनाएं प्रदान करने वालो जिलाध्यक्ष, हेमंत सांग ,संरक्षक डॉ. आनंद मतावले (गुरुजी), रामविशाल ओगरे, गोपचंद बनर्जी, सभापति जिला पंचायत, नंदनी कोमल ढीढी, चतुर मण्डल, लक्ष्मीदास सोनवानी, तह. अध्यक्ष तुलेश्वर घृतलहरे ,समारू कोसले कार्या अध्यक्ष राकेश माण्ड्रे धरमूदास कुरै, दुजलाल बंजारे, मुन्ना कुर्रे, सहदेव बंजारे पुर्व सभापति जिला पंचायत मधुबाला रात्रे, जनपद सदस्य, रामेश्वरी चन्दिका कुर्रे ,ज.स, पुजा मुकेश भरती. सरपंच गण गंगा रामविशाल ओगरे, गोदावरी सहदेव बंजारे, गामिनी राकेश घृतलहरे, सुमन लेखराम रात्रे, रेणुका हीरू डाहरे सूरज भारती, गंगाप्रसाद भरद्वाज, दुलीचंद आण्डे प्रकाश चंदनिहा, गिनी बेनराज सोनी
पार्षद गण हेमनारायण महिलांगे, नरेन्द्र रात्रे, शांति कोसरे, सुमित्रा निराला मंशाराम कुर्रे, पंचराम टण्डन छुरा
कोमल ढीढी, सनत, चेलक किरण, टण्डन , नेमीचंद्र बंजारे, मिलाप बंजारे ,चोवाराम खुंटे, बेनी राम सोनवानी ,कमलेज बघेल ,भागचंद चतुर्वेदी राज्यपाल पु.शिक्षक, ,प्रेम मारकण्डेय ,विनोद टण्डन ,गुरुदेव भास्कर, विष्णुराम जांगडे, गौकरण घृतलहरे, नंदकुमार सक्सेना, डाहरू कोसले डॉ. शिवनारायन खुंटे, संतोषी पुर्रे रुखमणी माण्डले, भुनेश्वरी बंजारे देवानन्द मन्नाडे, मुकेश भारती, महेन्द्र मिर्री, ज्ञानिक गायकवाड, संतोष डहरिया, रेवा ओगरे, विक्रम खुंटे, एवन पुर्रे, लखन बंधे,टिकेन्द्र बंजारे,बच्चन घोघरे, कुलदीप घृतलहरे, छबीराम भारती, हिराधर गायकवाड, काशीराम सोनवानी, शिक्षक हरीश टांडे पेनुराम बंजारे, देवचंद बांधे, राजेश आडिल, मनोज सोनवानी, कुमार साव भारती , दयालू भारती,मुकेश मंडल, आशीष आड़े, टिकेश अडिल, शिवा माण्डरे, शिवा मारकण्डेय एवं अन्य सामाजिक जनों ने बधाई दिये l






