साहित्य समाज की दशा और दिशा बदलने में सक्षम सचिव डॉक्टर अभिलाषा बेहार डॉ रमेश कुमार सोनसायटी, को साहित्य साधक सम्मान 2025 से नवाजा गया - chhattisgarhkaratan

chhattisgarhkaratan

भारत सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ रत्न

Home Top Ad

Post Top Ad

Popular Posts

Saturday, 27 December 2025

साहित्य समाज की दशा और दिशा बदलने में सक्षम सचिव डॉक्टर अभिलाषा बेहार डॉ रमेश कुमार सोनसायटी, को साहित्य साधक सम्मान 2025 से नवाजा गया

 साहित्य समाज की दशा और दिशा बदलने में सक्षम सचिव डॉक्टर अभिलाषा बेहार 

डॉ रमेश कुमार सोनसायटी, को साहित्य साधक सम्मान 2025 से नवाजा गया





छत्तीसगढ़ राजिम जिला गरियाबंद   पंडित सुंदरलाल शर्मा जयंती के तत्वाधान में त्रिवेणी संगम साहित्य समिति राजिम के द्वारा राज्य स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ से 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया और उत्कृष्ट काव्य पाठ प्रदर्शन किया 

राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू अध्यक्षता डॉक्टर अभिलाषा बेहार सचिव छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ शासन, विशिष्ट अतिथि गौरी शंकर कश्यप अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम महेश यादव अध्यक्ष लाल साहू राजिम भक्तिन माता मंदिर समिति अध्यक्ष मकसूदन राम साहू त्रिवेणी संगम साहित्य समिति रहे।

विधायक रोहित साहू ने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा छत्तीसगढ़ के राजिम अंचल, मगर लोड ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम चमसूर, पावन धरा में जन्म लिए और देश के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में समाज सुधारक के रूप में जीवन पर्यंत काम करते हुए अपने आप को सर्वोच्च निछावर कर दिए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राजभाषा आयोग के सचिव डॉक्टर अभिलाषा बेहार साहित्य से समाज और देश की दशा और दिशा बदल सकती है जिसके लिए हमारे साहित्यकारों की भूमिका सराहनीय रहता है, छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में राजस्थान जोधपुर महाराष्ट्र से भी कवि आए हैं यह जानकर बड़ी खुशी हुई जिस प्रकार से माता जी के अंग जहां-जहां गिरे वहां शक्तिपीठ बन गए ठीक उसी प्रकार से जहां-जहां साहित्यकार जन्म लिए वह क्षेत्र भी साहित्य के शक्तिपीठ होते हैं जहां ब्रह्मा की तरह नए-नए सृजन करते रहते हैं अपने उद्बोधन के अंत में अपने पिता पद्मश्री सुरेंद्र दुबे को याद करते हुए उनकी कविता पढ़ी नगर पंचायत अध्यक्ष महेश यादव ने राजिम कुंभ कल्प मेला में  राजिम क्षेत्र के कवियों को विशेष स्थान देने पर जोर दिया और कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का यह क्षेत्र कर्मस्थली रहा है हमारे लिए प्रेरणा स्रोत  हैं राजिम भक्तिन माता मंदिर समिति के अध्यक्ष लाल साहू ने कहा कि साहित्यकार वह होता है जो अपने कलम से देश में क्रांति लाता है समाज में क्रांति लाता है और सतत तरक्की के रास्ते पर अग्रसर करते रहता है। 

कार्यक्रम में त्रिवेणी संगम साहित्य के कवि रामेश्वर रंगीला को साहित्य रत्न 2025 से नवाजा गया, कार्यक्रम में अध्यक्ष मकसूदन राम साहू, मोहनलाल मानिक पन डॉ रमेश कुमार सोनसायटी नूतन साहू किशोर निर्मलकर श्रवण साहू, कोमल सिंह साहू रोहित साहू भारत साहू नरेंद्र साहू पार्थ छग्गूयास आडिल संतोष प्रकृति रामेश्वर रंगीला युगल किशोर साहू इन सभी साहित्यकारों ने मिलकर कार्यक्रम को संपन्न कराया कार्यक्रम का संचालन किशन निर्मलकर एवं श्रवण साहू ने मिलकर किया रोहित साहू ने आभार व्यक्त कर कार्यक्रम की समापन की घोषणा की

Post Top Ad