107वां नवरात्र मेला उत्सव संतोषी माता मंदिर हरि नगर दिल्ली में मनाया जा रहा है - chhattisgarhkaratan

chhattisgarhkaratan

भारत सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ रत्न

Home Top Ad

Post Top Ad

Popular Posts

Saturday, 27 September 2025

107वां नवरात्र मेला उत्सव संतोषी माता मंदिर हरि नगर दिल्ली में मनाया जा रहा है

107वां नवरात्र मेला उत्सव संतोषी माता मंदिर हरि नगर दिल्ली में मनाया जा रहा है 





अतुल सचदेवा - दिल्ली दिनांक 27 अगस्त 2025 -नई दिल्ली जेल रोड हरि नगर स्थित श्री संतोषी माता मंदिर एक बार पुनः दैवी आभा से आलोकित होने जा रहा है। इस वर्ष मंदिर में 107वां नवरात्र महामहोत्सव दिनांक 22 सितंबर 2025 से 01 अक्टूबर 2025 तक दिव्य वैभव के साथ आयोजित होगा।


इन नौ दिव्य रात्रियों में अखंड प्रज्वलित ज्योति, साक्षात् मातृशक्ति का आह्वान करेगी। श्रद्धा और भक्ति का यह अनुपम संगम, एक विराट भगवती जागरण के साथ अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचेगा। प्रतिदिन पंद्रह हज़ार से अधिक भक्तजनों को प्रसाद वितरण, माता के आँगन की कृपा और अन्नपूर्णा स्वरूप का अद्भुत प्रमाण है। माता की अष्टधातु प्रतिमा की दिव्य छवि, रत्नों-फूलों से सुसज्जित विग्रह, रंग-बिरंगी विद्युत ज्योतियों से जगमगाता मंदिर—यह सब मिलकर भक्तों को अलौकिक आनंद एवं रोमांच से परिपूर्ण कर देगा। रात के समय मंदिर का दृश्य स्वर्गीय अप्सराओं के लोक के समान मोहक प्रतीत होता है।


प्रतिदिन प्रभात वेला में मधुर भजनों की गूंज से आरंभ होकर, सामूहिक दुर्गा सप्तशती पाठ, हनुमान चालीसा, भजन संध्याएँ और नाट्य मंचन भक्तों को धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का अद्वितीय अनुभव प्रदान करते है। मंदिर परिसर जय संतोषी माता के मंत्र से गुंजायमान रहता है। ऐसे भक्तिमय माहौल में माता के स्वरूप के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं में मन का मैल और पाप धुल जाते हैं और वे नेक कार्यों और मानवता की भलाई के कार्यों में अग्रसर होते हैं। 



मंदिर परिसर में सेवा का अप्रतिम भाव दृष्टिगोचर होता है—1000 से अधिक समर्पित सेवादार बिना किसी पारिश्रमिक के, पूर्ण निष्ठा से मानवता की सेवा में रत रहते हैं। यहाँ प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, आपातकालीन एम्बुलेंस, और भक्तों के सुख-दुख में मंदिर परिवार का अटूट सहयोग, समाज सेवा की अनोखी मिसाल प्रस्तुत करता है।


मंदिर के संरक्षक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक गुरु श्री अमित सक्सेना जी के अनुसार, माँ संतोषी कलियुग की तारिणी स्वरूपा हैं—जो अपने भक्तों के समस्त कष्ट हर कर, उन्हें संतोष, शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। इस उथल-पुथल भरे युग में संतोष और शांति ही वे दिव्य सूत्र हैं, जो सम्पूर्ण मानवता को प्रेम और भाईचारे के बंधन में जोड़ सकते हैं।


माँ श्री संतोषी जी की कृपा से माता जी की चौकी प्रति मंगलवार, शुक्रवार तथा रविवार को होती है। आयोजित माता चौकी के दिनों में भक्त माँ की चौकी में हाजरी देकर अपनी समस्त समस्याओं एवं व्यथाओं से छुटकारा प्राप्त करते है। चौकी के दौरान मातारानी स्वयं गुरु श्री अमित सक्सेना जी के स्वरुप में प्रकट होकर भक्तों को उनके संकटों एवं तकलीफों से छुटकारा पाने के उपाय बताती हैं जिससे भक्तगण लाभान्वित होते हैं व साक्षात् माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माँ संतोषी के दरबार में आने वाले भक्तों की झोली कभी खाली नहीं रहती है।


यह धार्मिक मेला निरंतर पिछले 53 वर्षों से हर्षोल्लास के साथ आयोजित हो रहा है। आज यह केवल एक स्थानीय आयोजन नहीं, अपितु विश्व-प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्व बन चुका है। देश-विदेश से सहस्त्रों श्रद्धालु न केवल प्रत्यक्ष रूप से, बल्कि इंटरनेट के माध्यम से भी इस आयोजन से जुड़े रहते हैं।


श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु भण्डारा, विश्राम, एवं व्यक्तिगत सामग्री की सुरक्षा हेतु उच्चस्तरीय व्यवस्थाएँ की गई हैं तथा श्री संतोषी माता मंदिर परिवार की ओर से, आप सभी श्रद्धालुओं को इस पावन नवरात्रि पर मंगलमय शुभकामनाएँ। 

Post Top Ad